Sonbhadra News: जनपद में संचालित सरकारी अस्पतालों की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जिला प्रशासन अब पूरी तरह सख्त हो गया है। अस्पतालों में आग जैसी किसी भी दुर्घटना की आशंका को खत्म करने के लिए जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अग्निशमन व्यवस्था में किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जहां भी सुरक्षा उपकरणों की कमी या खामी मिले, उसे तत्काल दूर किया जाए और सभी अस्पतालों को निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप तैयार किया जाए।
अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था की हुई गहन समीक्षा
शनिवार को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में जनपद के सभी सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध अग्निशमन व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक के दौरान उन्होंने प्रत्येक अस्पताल में स्थापित अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता, उनकी कार्यशीलता तथा समय-समय पर होने वाले परीक्षण की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि केवल उपकरण लगाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका हर समय पूरी तरह कार्यशील रहना भी सुनिश्चित किया जाए।
जहां कमी मिले, तत्काल करें दुरुस्त
डीएम ने निर्देश दिए कि जिन अस्पतालों में अग्निशमन उपकरणों की कमी है या सुरक्षा मानकों के अनुरूप व्यवस्थाएं नहीं हैं, वहां बिना किसी देरी के आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने कहा कि मरीजों और तीमारदारों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसलिए अग्नि सुरक्षा से जुड़े सभी मानकों का शत-प्रतिशत पालन कराया जाए।बैठक में जिलाधिकारी ने अस्पतालों में नियमित रूप से मॉक ड्रिल आयोजित करने के निर्देश दिए, ताकि चिकित्सक, कर्मचारी और अन्य स्टाफ किसी भी आपात स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई कर सकें। उन्होंने कहा कि केवल कागजी तैयारियां पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि वास्तविक परिस्थितियों से निपटने के लिए कर्मचारियों का प्रशिक्षित होना भी आवश्यक है।
विद्युत सुरक्षा और इमरजेंसी निकासी पर विशेष जोर
जिलाधिकारी ने अस्पतालों में विद्युत सुरक्षा को लेकर भी विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकांश अग्निकांड विद्युत शॉर्ट सर्किट जैसी घटनाओं से होते हैं, इसलिए वायरिंग, विद्युत उपकरणों और अन्य व्यवस्थाओं का नियमित निरीक्षण कराया जाए। साथ ही प्रत्येक अस्पताल में आपातकालीन निकासी मार्ग (इमरजेंसी एग्जिट) पूरी तरह सुचारु और बाधारहित रखा जाए, ताकि किसी भी दुर्घटना की स्थिति में मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।
लापरवाही की नहीं मिलेगी कोई छूट
बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि अस्पतालों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। संबंधित अधिकारी नियमित निरीक्षण करें और सुरक्षा व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी रखें, जिससे किसी भी संभावित दुर्घटना से पहले ही प्रभावी रोकथाम सुनिश्चित की जा सके।बैठक में मुख्य अग्निशमन अधिकारी राम साहनी, प्रभारी अधिकारी करन सिंह यादव, मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य, एसीएमओ डॉ. गुलाब शंकर यादव सहित स्वास्थ्य एवं अग्निशमन विभाग के संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

