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Sonbhadra News:नकली शराब के अंतर्राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़, 36 हजार बोतलें और 600 लीटर स्पिरिट बरामद

Sonbhadra News:नकली शराब के अंतर्राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़, 36 हजार बोतलें और 600 लीटर स्पिरिट बरामद

Newstrack 2 weeks ago

Sonbhadra News: जनपद पुलिस ने नकली शराब के अंतर्राज्यीय कारोबार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 25 लाख रुपये की अवैध शराब निर्माण सामग्री और ट्रेलर बरामद कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस के अनुसार यह गिरोह पंजाब से स्पिरिट, कैरेमल, फ्लेवरिंग एसेंस और खाली शराब की बोतलें लाकर बिहार-झारखंड सीमा पर नकली शराब तैयार करता था और प्रतिष्ठित कंपनियों के नाम से बाजार में बेचता था।यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई। अभियान की निगरानी अपर पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) अनिल कुमार तथा क्षेत्राधिकारी नगर रणधीर मिश्रा ने की। पूरी कार्रवाई का नेतृत्व प्रभारी निरीक्षक रामस्वरूप वर्मा ने किया।

मामा ढाबे पर खड़े ट्रेलर से खुला नकली शराब का बड़ा खेल

5 जुलाई को पुलिस को सूचना मिली कि रॉबर्ट्सगंज क्षेत्र के ग्राम बट्ट स्थित मामा ढाबा परिसर में खड़े ट्रेलर संख्या NL-01AA-9920 में अवैध शराब बनाने की सामग्री लदी हुई है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और ई-साक्ष्य ऐप के माध्यम से ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग करते हुए ट्रेलर की विधिक तलाशी ली।तलाशी के दौरान ट्रेलर से 600 लीटर रेक्टिफाइड स्पिरिट, करीब 46 किलोग्राम कैरेमल, 5 लीटर फ्लेवरिंग एसेंस, 160 यूनाइटेड स्पिरिट अंकित पैकिंग टेप, 36 हजार (180 एमएल व 375 एमएल) कांच की शराब की बोतलें तथा ट्रेलर बरामद किया गया। पुलिस ने मौके से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में खुला अंतर्राज्यीय नेटवर्क का राज

गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वे पंजाब के खन्ना (जिला लुधियाना) से शराब निर्माण सामग्री लेकर बिहार-झारखंड सीमा स्थित हरिहरगंज जा रहे थे। वहां स्पिरिट, कैरेमल और फ्लेवरिंग एसेंस मिलाकर नकली शराब बनाई जाती थी तथा प्रतिष्ठित शराब कंपनियों की पैकिंग में भरकर असली शराब के रूप में बिहार में बेचा जाता था।आरोपियों ने यह भी बताया कि गिरोह फर्जी बिल्टी और परिवहन दस्तावेजों का इस्तेमाल करता था। पूरे नेटवर्क का संचालन व्हाट्सएप कॉल और मोबाइल के माध्यम से होता था। रास्ते के खर्च और टोल टैक्स के लिए फोन-पे से पैसे भेजे जाते थे। आरोपियों ने स्वीकार किया कि उनके पास बरामद सामग्री से संबंधित कोई वैध लाइसेंस या अनुमति नहीं थी।

दो आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने हरियाणा के झज्जर जिले के ग्राम खाचरोली निवासी हरिओम पंवार पुत्र सतबीर (39 वर्ष) तथा दिनेश पंवार (जाट) पुत्र दिलबाग सिंह (32 वर्ष) को गिरफ्तार किया है। दोनों के खिलाफ रॉबर्ट्सगंज थाने में आबकारी अधिनियम की धाराओं 60, 62, 63, 72 तथा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 319, 318(4), 338, 336(3) और 340(2) के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

बरामदगी करने वाली पुलिस टीम

इस कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक रामस्वरूप वर्मा, उपनिरीक्षक एवं चौकी प्रभारी सुकृत मानवेन्द्र सिंह, मुख्य आरक्षी विनोद भारती, आरक्षी रुपेश कुमार, आरक्षी पंकज कुमार, रिजर्व आरक्षी अनुराग बाघमारे, मुख्य आरक्षी नन्हकू पासवान तथा मुख्य आरक्षी भरत यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही।पुलिस का कहना है कि पूछताछ में मिले सुरागों के आधार पर गिरोह के सरगना और इस अंतर्राज्यीय नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है। साथ ही फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले और पूरे सिंडिकेट को संचालित करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई तेज कर दी गई है।

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