Sonbhadra News: जनपद के म्योरपुर थाना क्षेत्र में हुए राजदेव सिंह हत्याकांड का पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। जिस बेटे ने अपने पिता की हत्या कर उन्हें मौत के घाट उतारा, उसी ने पुलिस को गुमराह करने के लिए अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराकर खुद को फरियादी के रूप में पेश कर दिया।
हालांकि पुलिस की सूक्ष्म जांच, तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आगे उसकी पूरी साजिश बेनकाब हो गई।
पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत अपर पुलिस अधीक्षक (ऑपरेशन) और क्षेत्राधिकारी दुद्धी के पर्यवेक्षण में म्योरपुर पुलिस ने हत्या की इस गुत्थी को सुलझाते हुए मृतक के पुत्र रवि कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त सर्जिकल ब्लेड, खून से सना पत्थर, मोटरसाइकिल की चाबी और जले हुए खूनालूद कपड़ों की राख भी बरामद की गई है।
29 मई को मिला था शव, अज्ञात लोगों पर दर्ज हुआ था मुकदमा
म्योरपुर थाना क्षेत्र के ग्राम कुण्डाडीह निवासी राजदेव सिंह की 29 मई को हत्या कर दी गई थी। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ बीएनएस की धारा 103(1) के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने कई टीमों का गठन कर तकनीकी और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई।जांच के दौरान पुलिस को कई ऐसे तथ्य मिले, जिनसे मृतक के पुत्र रवि कुमार की भूमिका संदिग्ध लगने लगी। इसके बाद पुलिस ने उससे गहन पूछताछ की, जिसमें उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया।पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसके पिता के एक महिला से कथित अवैध संबंध थे, जिसको लेकर परिवार में लगातार विवाद होता था। इसी बात से वह लंबे समय से आक्रोशित और मानसिक रूप से परेशान था। धीरे-धीरे उसके मन में अपने पिता को रास्ते से हटाने की साजिश आकार लेने लगी।
जंगल में ले जाकर उतारा मौत के घाट
पुलिस के अनुसार 29 मई को रवि कुमार अपने पिता को जमीन दिखाने के बहाने जंगल क्षेत्र में ले गया। सुनसान स्थान पर पहुंचने के बाद उसने पहले गमछे से दबाव बनाकर उन्हें गिराया। इसके बाद पत्थर से सिर पर वार किया और फिर सर्जिकल ब्लेड से गला रेतकर उनकी निर्मम हत्या कर दी।हत्या के बाद आरोपी ने घटनास्थल से जुड़े साक्ष्य मिटाने की कोशिश की और अपने खून से सने कपड़ों को जलाकर नष्ट कर दिया।
पुलिस को गुमराह करने के लिए खुद बना शिकायतकर्ता
हत्या को अंजाम देने के बाद आरोपी ने खुद को बचाने के लिए एक और चाल चली। उसने अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराकर पुलिस का ध्यान भटकाने का प्रयास किया। लेकिन तकनीकी साक्ष्यों, मुखबिर की सूचना और पुलिस की गहन विवेचना के चलते उसकी साजिश ज्यादा दिनों तक छिप नहीं सकी।पुलिस ने जब साक्ष्यों को उसके बयान से मिलाया तो पूरा मामला साफ हो गया और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।गिरफ्तार आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त सर्जिकल ब्लेड, खूनालूदा पत्थर का टुकड़ा, मृतक की मोटरसाइकिल की चाबी तथा घटना के समय पहने गए खून से सने कपड़ों की जली हुई राख बरामद की है। बरामदगी के आधार पर मुकदमे में बीएनएस की धारा 238(ए) की बढ़ोत्तरी भी की गई है।गिरफ्तार आरोपी रवि कुमार पुत्र राजदेव सिंह, निवासी ग्राम कुण्डाडीह, थाना म्योरपुर, जनपद सोनभद्र, उम्र लगभग 30 वर्ष।
खुलासे में शामिल पुलिस टीम
रविकान्त मिश्रा (थानाध्यक्ष म्योरपुर), मनोज कुमार सिंह, प्रदीप कुमार राय, प्रमोद कुमार, रामजीत (चालक) और राजप्रबल ने इस हत्याकांड के सफल अनावरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।पिता-पुत्र के रिश्ते को कलंकित करने वाली इस वारदात ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है। पुलिस के खुलासे के बाद गांव में घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।

