Petrol Diesel Rate Today 6 April 2026: अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव और पश्चिम एशिया में जारी अनिश्चितता के बावजूद भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें 6 अप्रैल 2026 को लगभग स्थिर बनी हुई हैं।
सरकारी तेल कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (IOCL) ने साफ किया है कि देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है और सप्लाई पूरी तरह सामान्य है। ऐसे में आम लोगों को फिलहाल महंगाई से राहत मिली है।
कीमतों में स्थिरता से आम जनता को राहत
पिछले कुछ समय से वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। खासकर पश्चिम एशिया के ऊर्जा उत्पादक क्षेत्रों को लेकर बनी अनिश्चितता बाजार को प्रभावित कर रही है। इसके बावजूद भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है। सरकार और तेल कंपनियां लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं ताकि सप्लाई चेन प्रभावित न हो। यही वजह है कि देशभर में ईंधन की उपलब्धता सामान्य बनी हुई है और कीमतें स्थिर हैं।
बड़े शहरों में पेट्रोल-डीजल के ताज़ा रेट (6 अप्रैल 2026)
शहर | पेट्रोल (₹/लीटर) | डीजल (₹/लीटर) |
दिल्ली | 94.77 | 87.67 |
मुंबई | 103.50 | 90.03 |
कोलकाता | 105.41 | 92.02 |
चेन्नई | 100.90 | 92.49 |
हैदराबाद | 107.46 | 95.70 |
बेंगलुरु | 102.55 | 89.02 |
पुणे | 103.82 | 90.74 |
लखनऊ | 94.69 | 87.80 |
जयपुर | 104.72 | 90.18 |
अहमदाबाद | 94.49 | 90.17 |
पटना | 105.54 | 91.84 |
चंडीगढ़ | 94.30 | 82.45 |
किन शहरों में क्या बदलाव देखने को मिला
मुंबई में पेट्रोल की कीमत में हल्की गिरावट देखने को मिली है, जबकि बेंगलुरु में भी मामूली कमी दर्ज की गई है। दूसरी ओर, नोएडा में पेट्रोल के दाम में हल्की बढ़ोतरी हुई है। हालांकि, ज्यादातर शहरों में कीमतें स्थिर बनी हुई हैं।
कोलकाता, पटना और जयपुर जैसे शहरों में पेट्रोल अभी भी 100 रुपए प्रति लीटर से ऊपर बना हुआ है, जो उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ डालता है। वहीं, दिल्ली, लखनऊ और चंडीगढ़ जैसे शहरों में कीमतें अपेक्षाकृत कम हैं।
क्यों अलग-अलग होते हैं शहरों के रेट
देश के अलग-अलग शहरों में पेट्रोल-डीजल की कीमतें अलग-अलग होती हैं। इसका मुख्य कारण राज्य सरकारों द्वारा लगाए जाने वाले वैट (VAT), ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट और स्थानीय टैक्स हैं। यही वजह है कि एक ही दिन में अलग-अलग शहरों में कीमतों में अंतर देखने को मिलता है।
आगे क्या रहेगा रुख
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें स्थिर रहती हैं, तो भारत में भी ईंधन के दाम फिलहाल स्थिर बने रह सकते हैं। हालांकि, किसी भी बड़े अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम का असर भविष्य में कीमतों पर पड़ सकता है। 6 अप्रैल 2026 को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में स्थिरता ने आम जनता को राहत दी है। सरकार और तेल कंपनियों की सतर्कता के चलते सप्लाई भी सुचारू बनी हुई है। ऐसे में फिलहाल उपभोक्ताओं को ईंधन के मोर्चे पर बड़ी चिंता की जरूरत नहीं है।

