Dailyhunt Logo
  • Light mode
    Follow system
    Dark mode
    • Play Story
    • App Story
Tamil Nadu BJP Crisis: K. Annamalai के इस्तीफे से BJP में भूचाल! दिल्ली एयरपोर्ट से बुलाए गए वापस, अमित शाह के साथ इमरजेंसी मीटिंग

Tamil Nadu BJP Crisis: K. Annamalai के इस्तीफे से BJP में भूचाल! दिल्ली एयरपोर्ट से बुलाए गए वापस, अमित शाह के साथ इमरजेंसी मीटिंग

Newstrack 6 days ago

Tamil Nadu BJP Crisis: तमिलनाडु की राजनीति और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के भीतर एक बहुत बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है। बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व आईपीएस अधिकारी के. अन्नामलाई ने पार्टी छोड़ने का फैसला कर लिया है, जिससे बीजेपी का केंद्रीय नेतृत्व पूरी तरह हैरान है।

अन्नामलाई के इस अचानक लिए गए फैसले के बाद पार्टी के शीर्ष नेता उन्हें मनाने की कोशिशों में जुट गए हैं। सूत्रों के अनुसार, अन्नामलाई ने दिल्ली में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बीएल संतोष से मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ भी एक महत्वपूर्ण बैठक की। इन मुलाकातों में अन्नामलाई ने बेहद शांत और सौहार्दपूर्ण माहौल में पार्टी से अलग होने की इच्छा जताई। हालांकि, केंद्रीय नेतृत्व ने उन्हें अपने फैसले पर फिर से विचार करने के लिए थोड़ा समय दिया है।

दिल्ली एयरपोर्ट से वापस बुलाए गए अन्नामलाई

इस पूरे घटनाक्रम की संवेदनशीलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जब अन्नामलाई दिल्ली एयरपोर्ट से चेन्नई के लिए रवाना होने वाले थे, तभी केंद्रीय नेतृत्व ने उन्हें फोन करके वापस चर्चा के लिए बुला लिया। बीजेपी आलाकमान हरसंभव कोशिश कर रहा है कि वे पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा न दें। कड़े अनुशासन और संगठनात्मक फैसलों के लिए जानी जाने वाली बीजेपी में इस तरह किसी नेता को रोकने का प्रयास करना एक असामान्य कदम माना जा रहा है। दरअसल, साल 2021 से 2025 तक तमिलनाडु में बीजेपी अध्यक्ष रहते हुए अन्नामलाई ने राज्य में पार्टी की उपस्थिति को काफी मजबूत किया था, यही वजह है कि केंद्रीय नेता उनके काम और जमीनी मेहनत के कायल रहे हैं।

इस्तीफे के पीछे की असली वजह और दो शर्तें

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अन्नामलाई काफी समय पहले ही बीजेपी छोड़ने का मन बना चुके थे और उनका यह दिल्ली दौरा केवल वरिष्ठ नेताओं के प्रति आभार व्यक्त करने के लिए था। अपनी बैठकों के दौरान अन्नामलाई ने केंद्रीय नेतृत्व के सामने दो मुख्य शर्तें रखी थीं। उनकी पहली शर्त यह थी कि उन्हें कम से कम सात साल के लिए पूरी स्वतंत्रता और अधिकारों के साथ दोबारा तमिलनाडु बीजेपी का अध्यक्ष बनाया जाए। यदि ऐसा संभव नहीं है, तो उन्हें अपनी एक अलग राजनीतिक राह चुनने की पूरी अनुमति दी जाए। चूंकि पार्टी के भीतर किसी एक व्यक्ति को इतने लंबे समय के लिए पूर्ण स्वायत्तता देना संभव नहीं था, इसलिए उन्होंने पार्टी से अलग होना बेहतर समझा।

तमिलनाडु में नई क्षेत्रीय पार्टी बनाने की योजना

सूत्रों का दावा है कि अन्नामलाई अब तमिलनाडु की स्थानीय राजनीति में एक नई पार्टी लॉन्च करने पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं। उन्हें लगता है कि राज्य के मौजूदा राजनीतिक हालात एक नई क्षेत्रीय पार्टी के लिए बिल्कुल अनुकूल हैं। हाल ही में संपन्न हुए तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में राज्य की दो सबसे बड़ी पारंपरिक द्रविड़ पार्टियों, डीएमके और अन्नाद्रमुक (AIADMK) को करारी हार का सामना करना पड़ा है। इन चुनावों में अभिनेता से राजनेता बने थलपति विजय की नई पार्टी 'टीवीके' ने अपने पहले ही प्रयास में ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए सरकार बनाई है। विजय की सरकार को कांग्रेस और कई अन्य छोटी पार्टियों ने भी समर्थन दिया है, जिन्होंने चुनाव के ठीक बाद डीएमके से अपना पुराना गठबंधन तोड़ लिया था।

राष्ट्रीय पार्टी के बजाय क्षेत्रीय विकल्प पर भरोसा

अन्नामलाई का मानना है कि तमिलनाडु की वर्तमान राजनीतिक स्थिति में किसी भी राष्ट्रीय पार्टी के लिए बहुत बड़ा स्कोप या भविष्य नजर नहीं आता। राज्य के लोग हमेशा से क्षेत्रीय पहचान और स्थानीय मुद्दों को प्राथमिकता देते रहे हैं। ऐसी स्थिति में, विभिन्न वर्गों की समस्याओं और चिंताओं को दूर करने वाली एक नई मजबूत क्षेत्रीय पार्टी ही राज्य की जनता के सामने एक बेहतर विकल्प के रूप में उभर सकती है। तमिलनाडु जैसे राज्य में, जहां बीजेपी लंबे समय से अपनी जमीन मजबूत करने के लिए संघर्ष कर रही थी, वहां अन्नामलाई का पार्टी से अलग होना बीजेपी के दक्षिण भारत विस्तार के सपनों के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।

Dailyhunt
Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Newstrack Journalism Hindi