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तेहरान में खामेनेई का ऐतिहासिक जनाजा, सड़कों पर उमड़ा करोड़ों का हुजूम, पहली बार दिखे तीनों बेटे, लेकिन...

Newstrack 2 weeks ago

Ali Khamenei Funeral Ceremony: ईरान के दिवंगत सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के दौरान आज तेहरान की सड़कों पर भावुकता और इतिहास का एक ऐसा मंजर देखा गया जिसने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है.

अपने महबूब नेता को आखिरी विदाई देने के लिए देश के कोने-कोने से लाखों-करोड़ों लोग रोते-बिलखते हुए सड़कों पर उतर आए हैं. तेहरान के प्रसिद्ध इमाम खुमैनी ग्रैंड मोसल्ला में आयोजित पवित्र प्रार्थना सभा से एक बेहद भावुक करने वाली तस्वीर सामने आई है. इस शोक सभा में दिवंगत खामेनेई के तीन सगे बेटे मसूद खामेनेई, मेसम खामेनेई और मुस्तफा खामेनेई अपने पिता के जनाजे के ठीक पीछे खड़े दिखाई दिए. अमेरिका और इजरायल के विनाशकारी हमलों में अली खामेनेई की मौत के बाद यह पहला मौका है जब ये तीनों भाई सार्वजनिक रूप से दुनिया के सामने एक साथ खड़े नजर आए हैं. हालांकि, इस बेहद महत्वपूर्ण मौके पर खामेनेई के दूसरे नंबर के बेटे और ईरान के वर्तमान सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई की गैरमौजूदगी ने सबको हैरान कर दिया.

आंसुओं में डूबे बेटे और झंडे में लिपटा ताबूत

सरकारी टेलीविजन पर लाइव प्रसारित हो रही तस्वीरों में साफ देखा गया कि पिता के बिछड़ने के गम में मसूद खामेनेई अपने आंसुओं को रोक नहीं पा रहे थे और बार-बार अपनी आंखें पोंछ रहे थे. अयातुल्ला अली खामेनेई के पवित्र ताबूत को ईरान के राष्ट्रीय झंडे में पूरी तरह से लपेटकर रखा गया था और परंपरा के अनुसार उसके ठीक ऊपर एक काली पगड़ी सजाई गई थी. इस जनाजे को इसी साल फरवरी महीने में इजरायली बमबारी का शिकार हुए परिवार के 4 अन्य सदस्यों के ताबूतों के साथ कतार में रखा गया था, जिसमें खामेनेई की एक मासूम नाबालिग पोती भी शामिल थी. इस ऐतिहासिक नमाज-ए-जनाजा में देश के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान, संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बगेर गालिबफ और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) के सबसे बड़े कमांडर-इन-चीफ अहमद वाहिदी भी अग्रिम पंक्ति में मौजूद रहे. ईरानी सरकार के आधिकारिक अनुमान के मुताबिक पूरे देश में चल रहे इस सात दिवसीय शोक समारोहों में कुल मिलाकर 1 करोड़ से अधिक लोग शिरकत करेंगे.

नए सुप्रीम लीडर मोजतबा की रहस्यमयी दूरी

इस पूरे गमगीन माहौल के बीच नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई का इस अंतिम संस्कार से नदारद रहना पूरे देश और अंतरराष्ट्रीय मीडिया में सबसे बड़ी चर्चा और चिंता का विषय बन चुका है. मार्च के महीने में अपने पिता की मृत्यु के ठीक बाद मोजतबा ने देश के सर्वोच्च नेता का पदभार संभाला था, लेकिन तब से लेकर आज तक वे न तो किसी सार्वजनिक मंच पर दिखाई दिए हैं और न ही उन्होंने देश के नाम कोई आधिकारिक बयान जारी किया है. पिछले हफ्ते ही अंतिम संस्कार समिति के मुख्य अध्यक्ष अली अकबर पौरजमशीदियन ने साफ कहा था कि नए सर्वोच्च नेता के आने का अंतिम निर्णय पूरी तरह उनका निजी कार्यालय ही तय करेगा.

चेहरे और पैरों पर आई थीं गंभीर चोटें

असल में सुरक्षा और राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा बेहद तेज है कि फरवरी में हुए इजरायली हवाई हमले के दौरान मोजतबा खुद भी बहुत ही गंभीर रूप से जख्मी हो गए थे. अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने मोजतबा के बेहद करीबी सूत्रों के हवाले से बड़ा खुलासा किया है कि उस हमले में उनके दोनों पैरों को भारी नुकसान पहुंचा था और उनके चेहरे पर भी बहुत गहरे जख्म आए थे. वहीं दूसरी तरफ न्यूयॉर्क टाइम्स की एक खोजी रिपोर्ट में दावा किया गया है कि आईआरजीसी के शीर्ष खुफिया अधिकारियों ने इजरायली खुफिया एजेंसियों के संभावित जानलेवा खतरे को देखते हुए ही मोजतबा को फिलहाल सभी तरह के सार्वजनिक कार्यक्रमों और भीड़भाड़ वाले इलाकों से पूरी तरह दूर रहने की सख्त हिदायत दी है.

9 जुलाई को अंतिम विदाई

ईरान सरकार ने अपने इस महान नेता के सम्मान में पूरे 7 दिनों के राष्ट्रीय शोक का आधिकारिक ऐलान किया है. साल 1989 से लेकर फरवरी 2026 तक पूरे 37 सालों तक ईरान की सत्ता की कमान संभालने वाले 86 वर्षीय अयातुल्ला अली खामेनेई की जान फरवरी में हुए एक भीषण इजरायली हवाई हमले में चली गई थी. शनिवार को उनके पार्थिव शरीर को आम जनता के दर्शन के लिए एक विशेष कांच के बक्से में सुरक्षित रखा गया है. सोमवार के दिन इस जनाजे को तेहरान की मुख्य सड़कों पर एक विशाल जुलूस के रूप में ले जाया जाएगा. ईरान के 5 बड़े प्रमुख शहरों में सामूहिक शोक सभाएं आयोजित की जा रही हैं और इसके बाद ताबूत को पड़ोसी देश इराक के पवित्र शिया तीर्थ स्थलों के दर्शन के लिए भी ले जाने की एक बड़ी योजना है. यह पूरा ऐतिहासिक शोक कार्यक्रम आगामी 9 जुलाई को मशहद शहर में स्थित पवित्र इमाम रजा तीर्थ स्थल में अंतिम दफन की प्रक्रिया के साथ पूरी तरह संपन्न हो जाएगा.

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