
Ambassador Nagesh Singh: थाईलैंड में भारत के राजदूत नागेश सिंह ने अपने कार्यकाल के अंत पर देश के किंग और क्वीन से मुलाकात की। इस खास मौके की तस्वीरें थाईलैंड में भारतीय दूतावास की ओर से साझा की गईं।
साल 1995 बैच के आईएफएस अधिकारी नागेश सिंह को अगस्त 2022 में थाईलैंड में भारत का राजदूत नियुक्त किया गया था और अब उन्होंने अपना कार्यकाल पूरा कर लिया है।
भारतीय दूतावास ने इस मुलाकात की तस्वीरें साझा करते हुए लिखा कि किंग और क्वीन ने राजदूत से मुलाकात की, जिन्होंने थाईलैंड में अपना समय पूरा होने पर विदाई ली। इस तस्वीर में एक अजीबोगरीब नजारा देखने को मिला जो इस वक्त चर्चा का केंद में है।
तस्वीर में दिखी अलग परंपरा
इस मुलाकात की तस्वीरों में एक और चीज ने लोगों का ध्यान खींचा। किंग और क्वीन के साथ एक अधिकारी भी नजर आए, जो घुटनों के बल बैठे हुए थे। यह देखकर कई लोगों के मन में सवाल उठा कि आखिर एक वरिष्ठ अधिकारी इस तरह क्यों बैठा है।
दरअसल, थाईलैंड में यह एक परंपरा है। वहां राजपरिवार के सम्मान में उच्च स्तर के सैन्य या प्रशासनिक अधिकारी घुटनों के बल बैठते हैं या रेंगकर सम्मान प्रकट करते हैं। इस परंपरा को वहां की भाषा में 'ग्राब' कहा जाता है और यह लंबे समय से चली आ रही सांस्कृतिक परंपरा का हिस्सा है।
प्रधानमंत्री से भी की मुलाकात
राजदूत नागेश सिंह ने अपने कार्यकाल के अंत पर थाईलैंड के प्रधानमंत्री अनुतिन चर्नविराकुल से भी मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने में मिले सहयोग के लिए प्रधानमंत्री का धन्यवाद किया।
उन्होंने प्रधानमंत्री के निर्देशन और समर्थन की सराहना करते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में भारत और थाईलैंड के रिश्तों को आगे बढ़ाने में काफी मदद मिली।
लंबा और विविध रहा डिप्लोमेटिक करियर
विदेश मंत्रालय की ओर से साझा जानकारी के अनुसार, थाईलैंड में राजदूत बनने से पहले नागेश सिंह जुलाई 2018 से अक्टूबर 2022 तक विदेश मंत्रालय में चीफ ऑफ प्रोटोकॉल के पद पर कार्यरत रहे।
नागेश सिंह का कूटनीतिक करियर काफी लंबा और अनुभवों से भरा रहा है। उन्होंने अटलांटा में भारत के कॉन्सुल जनरल के रूप में जून 2015 से जून 2018 तक काम किया। इसके अलावा वे भारत के उपराष्ट्रपति के संयुक्त सचिव और ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी के तौर पर भी जिम्मेदारी निभा चुके हैं।
उन्होंने विदेश मंत्रालय में पाकिस्तान, अफगानिस्तान और ईरान डेस्क पर डायरेक्टर के रूप में काम किया, वहीं न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन में काउंसलर के पद पर भी अपनी सेवाएं दीं। इसके अलावा वे भारत सरकार के विदेश राज्यमंत्री के प्राइवेट सेक्रेटरी और विदेश मंत्रालय में अवर सचिव के पद पर भी कार्य कर चुके हैं।
विदेशों में भी निभाईं अहम जिम्मेदारियां
नागेश सिंह ने डकार में भारतीय दूतावास में दूसरे सचिव के तौर पर काम किया। इसके साथ ही उन्होंने केप वर्डे, गिनी, बिसाऊ, माली, मॉरिटानिया और गाम्बिया जैसे देशों में भी अपनी सेवाएं दीं।
उन्होंने पेरिस में भारतीय दूतावास में थर्ड और सेकंड सचिव के रूप में भी काम किया, जिससे उनके अंतरराष्ट्रीय अनुभव और मजबूत हुए।
शिक्षा और भाषाओं पर पकड़
अगर उनकी शिक्षा की बात करें तो नागेश सिंह ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से इकोनॉमिक्स में बीए ऑनर्स किया है। इसके बाद उन्होंने दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से अर्थशास्त्र में मास्टर्स की डिग्री हासिल की।
भाषाओं की बात करें तो वे हिंदी, इंग्लिश और फ्रेंच भाषा में दक्ष हैं, जो उनके अंतरराष्ट्रीय करियर में काफी काम आई हैं।
