Dailyhunt Logo
  • Light mode
    Follow system
    Dark mode
    • Play Story
    • App Story
Twisha Sharma Death Case में CBI का बड़ा एक्शन, सास गिरिबाला सिंह गिरफ्तार, कई राज खुलने की संभावना

Twisha Sharma Death Case में CBI का बड़ा एक्शन, सास गिरिबाला सिंह गिरफ्तार, कई राज खुलने की संभावना

Newstrack 1 week ago

Twisha Sharma Death Case: भोपाल की मॉडल और अभिनेत्री ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में पूर्व जज गिरिबाला सिंह की बड़ी मुश्किलें बढ़ गयी हैं। जबलपुर हाई कोर्ट द्वारा उनकी अग्रिम जमानत रद्द किए जाने के बाद CBI की टीम ने आज 28 मई 2026 यानी बृहस्पतिवार को उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

वहीं, उनका बेटा समर्थ सिंह पहले से ही CBI की गिरफ्त में है। अब CBI गिरिबाला सिंह को जिला अदालत में पेश कर रिमांड मांगेगी।

7 घंटे चली पूछताछ के बाद अरेस्ट हुईं गिरिबाला सिंह

जानकारी के अनुसार, आज बृहस्पतिवार सुबह से ही CBI टीम की गिरिबाला सिंह के साथ पूछताछ जारी थी। लगभग 7 घंटे तक चली पूछताछ के बाद उन्हें अरेस्ट कर लिया गया। इस दौरान CBI की टेक्निकल टीम ने घर की डिजिटल मैपिंग की और कई डिजिटल सबूत इकठ्ठा किये। जांच एजेंसी ने घर के अलग-अलग हिस्सों का निरीक्षण कर जांच से जुड़े महत्वपूर्ण सबूत एकत्र किए।

साथ ही यह भी सामने आया है कि अब गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह को आमने-सामने बैठाकर गहनता से पूछताछ की जाएगी, ताकि मामले से जुड़े तथ्यों और बयानों का मिलान किया जा सके। जांच एजेंसी को इस बात का पूरा शक है कि कई बड़े खुलासे होना अभी सामने आना बाकी हैं।

जबलपुर HC हाई कोर्ट में गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत रद्द

दरअसल, बीते बुधवार को जबलपुर हाई कोर्ट में करीब 3 घंटे तक हुई सुनवाई के बाद गिरिबाला सिंह को मिली अग्रिम जमानत रद्द कर दी गई थी। राज्य शासन की तरफ से महाधिवक्ता प्रशांत सिंह ने अदालत में पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ट्विशा के शरीर पर 7 चोटों का भी ज़िक्र है। इनमें से सभी चोटें एंटी-मॉर्टम यानी मौत से पहले की पाई गई हैं।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट की स्पष्टता

महाधिवक्ता ने अदालत को बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में साफतौर से कहा गया है कि शव को फंदे से उतारने के दौरान इस प्रकार की चोटें नहीं आ सकतीं। ऐसे में ये 'अनएक्सप्लेंड इंजरीज' हैं, जो किसी बड़े अपराध की तरफ स्पष्ट रूप से संकेत करती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय न्याय संहिता की धारा 80 के अंतर्गत शादी के 7 साल अंदर किसी महिला की अस्वाभाविक मौत को बेहद गंभीरता से देखा जाता है।

राज्य शासन की तरफ से यह भी तर्क दिया गया कि गिरिबाला सिंह ने जांच में मदद नहीं की। मामला दर्ज होने के बाद 13 मई से निरंतर नोटिस जारी किए गए थे। 20 और 21 मई को भी नोटिस दिए गए, लेकिन वे विवेचना अधिकारी के सामने पेश नहीं हुईं और न ही संतोषजनक जवाब दिया गया। हाई कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि निचली अदालत ने अग्रिम जमानत देते वक़्त कई अहम तथ्यों पर पर्याप्त रूप से विचार नहीं किया। इसी आधार पर जमानत निर्देश निरस्त कर दिया गया।

महाधिवक्ता प्रशांत सिंह ने यह भी कहा कि वॉट्सऐप चैट्स को अगर पूरे संदर्भ में पढ़ा जाए तो मृतका को मानसिक रूप से प्रताड़ित किए जाने के संकेत मिलते हैं। जानकारी के मुताबिक FIR में भी दहेज प्रताड़ना, क्रूरता और मानसिक उत्पीड़न के आरोप दर्ज हैं। कई गवाहों के बयान भी जांच एजेंसी के पास मौजूद हैं। अब मामले की जांच CBI कर रही है और एजेंसी सभी पहलुओं की गहन पड़ताल में तेजी से लगी हुई है।

गिरिबाला सिंह पर किन धाराओं पर मामला दर्ज?

बता दें कि गिरिबाला सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 80(2) के अंतर्गत दहेज मृत्यु, धारा 85 के आधार पर विवाहित महिला के साथ पति या उसके रिश्तेदारों द्वारा क्रूरता करने और धारा 3(5) के अंतर्गत संयुक्त आपराधिक दायित्व सहित दहेज निषेध अधिनियम से जुड़ी धाराओं में केस दर्ज किया गया है।

Dailyhunt
Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Newstrack Journalism Hindi