CM Yogi Adityanath: राजधानी लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेष अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपीएसएसएससी) द्वारा नव चयनित खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के कनिष्ठ विश्लेषकों (औषधि) और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के दंत स्वास्थ्य विज्ञानियों को नियुक्ति पत्र वितरित किया।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने युवाओं के भविष्य, पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और सुशासन को लेकर अहम बातें रखीं। उन्होंने कहा कि किसी भी युवा के सपनों का टूटना केवल उस व्यक्ति के साथ अन्याय नहीं है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को भी प्रभावित करता है और विकास की गति को बाधित करता है।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि उत्तर प्रदेश पहले भ्रष्टाचार, भेदभाव और अपारदर्शी भर्ती प्रक्रियाओं के कारण "बीमारू राज्य" की छवि से जूझता रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले नियुक्तियों में इतनी अनियमितताएं होती थीं कि कई मामलों में न्यायालय को हस्तक्षेप करना पड़ता था। यहां तक कि ऐसी स्थिति भी देखने को मिलती थी कि परीक्षा कोई और देता था और नियुक्ति पत्र किसी और को मिल जाता था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने गोरखपुर सांसद रहने के समय की एक घटना का जिक्र करते हुए बताया कि एक युवा ने पुलिस भर्ती में चयन होने के बावजूद नियुक्ति पत्र न मिलने के कारण आत्महत्या कर ली थी। इस घटना ने उन्हें गहराई से झकझोर दिया था और यही कारण था कि मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने भर्ती प्रक्रियाओं में सुधार को प्राथमिकता दी।
उन्होंने बताया कि 2017 में सत्ता संभालने के बाद उन्होंने सबसे पहले लंबित भर्तियों की समीक्षा करवाई। लगभग हर भर्ती प्रक्रिया न्यायालय में अटकी हुई थी। इसके बाद सरकार ने पारदर्शी नियमावली तैयार की और न्यायालय के निर्देशों के अनुसार प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाया। तीन महीनों के भीतर सभी औपचारिकताएं पूरी कर सुप्रीम कोर्ट से अनुमति प्राप्त की गई और भर्ती प्रक्रिया को दोबारा शुरू किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रदेश में भर्ती प्रक्रियाएं पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से संचालित हो रही हैं। उन्होंने गर्व के साथ बताया कि अब तक राज्य में 2 लाख 20 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों की भर्ती सफलतापूर्वक की जा चुकी है। यह न केवल युवाओं को रोजगार देने का काम कर रही है, बल्कि कानून-व्यवस्था को भी मजबूत बना रही है। संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने चयनित अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे ईमानदारी और समर्पण के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करें और प्रदेश के विकास में योगदान दें।

