Varanasi Bulldozer Action: वाराणसी में नमो घाट के पास विकसित किए जा रहे मॉडल रेलवे स्टेशन और काशी स्टेशन के मेजर अपग्रेडेशन प्रोजेक्ट के तहत प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध मस्जिद और उससे जुड़े अतिक्रमणों को हटाया।
यह कार्रवाई आदमपुर थाना क्षेत्र के किला कोहना (भदऊं चुंगी) इलाके में की गई, जहां रेलवे की भूमि पर कब्जे को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, संबंधित भूमि उत्तर रेलवे की निर्माण परियोजना के अंतर्गत आती है। इस मामले को लेकर उच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई थी। अदालत द्वारा रेलवे के पक्ष में फैसला सुनाए जाने के बाद जिला प्रशासन, रेलवे अधिकारियों और पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया। देर रात बुलडोजर की मदद से मस्जिद के ढांचे को हटाया गया और मलबे को भी तुरंत साफ कर दिया गया। इसके साथ ही पास स्थित कब्रिस्तान से जुड़े क्षेत्र में किए गए अतिक्रमण भी हटाए गए।
कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए भारी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। मौके पर कई थानों की पुलिस, पीएसी और अर्धसैनिक बल के जवान तैनात रहे। एडीसीपी काशी जोन वैभव बांगर, एसीपी कोतवाली विजय प्रताप सिंह और इंस्पेक्टर आदमपुर विमल मिश्रा की निगरानी में पूरे अभियान को शांतिपूर्ण ढंग से पूरा किया गया। प्रशासन का दावा है कि कार्रवाई के दौरान किसी प्रकार का विरोध प्रदर्शन या तनाव की स्थिति नहीं बनी।
350 करोड़ रुपये की लागत से चलाई जा रही विकास परियोजना
दरअसल, काशी रेलवे स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने के लिए लगभग 350 करोड़ रुपये की लागत से व्यापक विकास परियोजना चलाई जा रही है। इस परियोजना के तहत स्टेशन परिसर और आसपास करीब 47.26 एकड़ क्षेत्र में निर्माण कार्य प्रस्तावित है। स्टेशन के दोनों ओर तीन मंजिला आधुनिक भवन बनाए जा रहे हैं, जबकि राजघाट की ओर नया मुख्य प्रवेश द्वार विकसित किया जाएगा। वर्तमान प्रवेश द्वार को द्वितीय प्रवेश द्वार के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा। इस परियोजना की सबसे खास विशेषता एयर कॉनकोर्स होगी, जो स्टेशन के दोनों भवनों को जोड़ने का काम करेगी।
लगभग 200 मीटर लंबा और 100 मीटर चौड़ा वातानुकूलित कॉनकोर्स यात्रियों के लिए आधुनिक सुविधाओं से युक्त होगा। इसमें वेटिंग हॉल, लाउंज, बैठने की व्यवस्था, फूड कोर्ट, मल्टीपरपज स्टॉल, एस्केलेटर और सीढ़ियों जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसके अलावा स्टेशन पर अत्याधुनिक टिकट काउंटर, पार्किंग, आधुनिक शौचालय और यात्री सुविधाओं का विस्तार भी किया जाएगा। भविष्य में यार्ड रीमॉडलिंग के तहत प्लेटफॉर्म और रेल पटरियों की संख्या बढ़ाने की योजना भी है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस महत्वाकांक्षी परियोजना को मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके बाद काशी स्टेशन उत्तर भारत के सबसे आधुनिक रेलवे स्टेशनों में शामिल होगा।

