
Lucknow Protest: उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरियों में आरक्षण के कथित उल्लंघन और भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं के विरोध में बुधवार को लखनऊ में सरदार सेना ने जोरदार प्रदर्शन किया।
प्रयागराज से शुरू हुई 'आरक्षण बचाओ पदयात्रा' के लखनऊ पहुंचने पर बड़ी संख्या में प्रतियोगी परीक्षाओं और विभिन्न सरकारी भर्तियों के अभ्यर्थी चारबाग रेलवे स्टेशन पर जुटे। प्रदर्शनकारियों ने आरक्षण के समर्थन में जमकर नारेबाजी की और विधानसभा की ओर जाने का प्रयास किया।
प्रयागराज से शुरू हुआ आंदोलन, कई जिलों से गुजरकर पहुंचा राजधानी
सरदार सेना के संस्थापक डा. आर.एस. पटेल के मुताबिक, आरक्षण के मुद्दे को लेकर 26 अगस्त को प्रयागराज स्थित इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पदयात्रा की शुरुआत की गई थी। इसके बाद यात्रा कौशाम्बी, फतेहपुर और रायबरेली होते हुए बुधवार को लखनऊ पहुंची। संगठन का दावा है कि पदयात्रा में बड़ी संख्या में आरक्षण समर्थक और संगठन के कार्यकर्ता शामिल हुए।

भर्तियों में आरक्षण के नियमों के पालन पर उठाए सवाल
चारबाग में प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थियों ने प्रदेश में हुई विभिन्न सरकारी भर्तियों में आरक्षण व्यवस्था लागू किए जाने के तरीके पर सवाल उठाए। सरदार सेना का आरोप है कि कई भर्ती प्रक्रियाओं में आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के हितों की अनदेखी की गई और निर्धारित कोटे के अनुरूप अवसर नहीं दिए गए।

शिक्षक भर्ती से लेकर लेखपाल चयन तक जांच की मांग
संगठन ने UPSSSC, 68,500 और 69 हजार शिक्षक भर्ती, पशुपालन विभाग, चिकित्सा विभाग और लेखपाल भर्ती सहित कई भर्तियों में कथित आरक्षण अनियमितताओं का मुद्दा उठाया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इन मामलों की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई की जानी चाहिए और जिन अभ्यर्थियों को उनका संवैधानिक अधिकार नहीं मिला है, उन्हें न्याय दिया जाना चाहिए।

आरक्षण का अधिकार सुनिश्चित करो
प्रदर्शनकारियों ने अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए निर्धारित आरक्षण व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करने की मांग की। उनका कहना है कि सरकारी नौकरियों में आरक्षण केवल कागजों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि भर्ती प्रक्रिया के हर चरण में नियमों का पारदर्शी तरीके से पालन होना चाहिए।
चारबाग रेलवे स्टेशन पर प्रदर्शन के दौरान काफी देर तक नारेबाजी और विरोध का दौर चलता रहा। विधानसभा की ओर बढ़ने की कोशिश के चलते मौके पर पुलिस बल भी तैनात रहा। संगठन ने सरकार से भर्ती प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं की जांच कराने और आरक्षण व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवालों का स्पष्ट जवाब देने की मांग की।

