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भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों के विकास के लिए स्थानीयकरण और नवाचार पर जोर

भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों के विकास के लिए स्थानीयकरण और नवाचार पर जोर

Newz Fatafat 1 month ago

इलेक्ट्रिक वाहनों की दिशा में बदलाव की आवश्यकता

केंद्रीय मंत्री एच. डी. कुमारस्वामी ने बुधवार को वाहन उद्योग से भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) के विकास को बढ़ावा देने के लिए डिजाइन और स्थानीयकरण पर ध्यान केंद्रित करने का अनुरोध किया।

उन्होंने कहा कि देश में इलेक्ट्रिक परिवहन की सफलता का मूल्यांकन केवल बिकने वाले ईवी की संख्या से नहीं किया जा सकता।

भारी उद्योग और इस्पात मंत्री ने वाहन और कलपुर्जा उद्योग से अधिक स्वच्छ, कुशल और उभरती प्रौद्योगिकियों में निवेश बढ़ाने की अपील की। उनका मानना है कि लक्ष्य केवल भारत में उत्पादन करना नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर उत्पाद तैयार करना होना चाहिए।

सरकारी योजनाओं का समर्थन

कुमारस्वामी ने कहा, "भारी उद्योग मंत्रालय योजना के कार्यान्वयन में सुधार, परिचालन संबंधी समस्याओं के समाधान और निवेश तथा नवाचार के लिए अनुकूल माहौल बनाने के लिए एसीएमए, सियाम और उद्योग से जुड़े हितधारकों के साथ मिलकर काम करेगा।"

उन्होंने यह भी बताया कि सरकारी योजनाएं निवेश, घरेलू मूल्यवर्धन, उन्नत प्रौद्योगिकी, विनिर्माण और स्वच्छ परिवहन में बदलाव को समर्थन दे रही हैं।

भारत की प्रौद्योगिकी और प्रतिस्पर्धा

कुमारस्वामी ने कहा, "हालांकि, हमारी सफलता का आकलन केवल बिकने वाले इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या से नहीं किया जा सकता। इसे इस आधार पर भी मापा जाना चाहिए कि कितनी प्रौद्योगिकी भारत में विकसित की जा रही है, कितना मूल्य देश में जोड़ा जा रहा है, कितने एमएसएमई नई आपूर्ति श्रृंखलाओं में भाग ले रहे हैं और भारतीय उत्पाद वैश्विक बाजारों में कितनी प्रभावी ढंग से प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं।"

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दृष्टि के अनुसार, भारत 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, और साझा लक्ष्य स्पष्ट होना चाहिए।

वैश्विक परिवहन में नेतृत्व

कुमारस्वामी ने जोर देकर कहा, "भारत को केवल वैश्विक परिवहन बदलाव में भाग नहीं लेना चाहिए, बल्कि इसकी अगुवाई करने में भी भूमिका निभानी चाहिए।"

उन्होंने कहा कि अगले चरण में नेतृत्व, बड़े पैमाने पर उत्पादन, स्थानीयकरण को बढ़ावा देने, नवाचार को गति देने और भारत को उन्नत एवं हरित परिवहन प्रौद्योगिकियों के लिए वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी केंद्र बनाने पर ध्यान केंद्रित करना होगा।

उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना

कुमारस्वामी ने बताया कि वाहन और कलपुर्जा उद्योग के लिए उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।

उन्होंने कहा कि 30 जून, 2026 तक मंजूर आवेदकों ने 45,477 करोड़ रुपये के निवेश की सूचना दी है, जिससे 67,000 से अधिक रोजगार के अवसर उत्पन्न हुए हैं।


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Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Newz Fatafat