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नीरव मोदी को मिला बड़ा कानूनी झटका, भारत प्रत्यर्पण की राह साफ

नीरव मोदी को मिला बड़ा कानूनी झटका, भारत प्रत्यर्पण की राह साफ

Newz Fatafat 1 week ago

नीरव मोदी की कानूनी लड़ाई का अंत

लंदन: पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के बड़े धोखाधड़ी मामले में फरार हीरा कारोबारी नीरव मोदी को एक महत्वपूर्ण कानूनी झटका लगा है। यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय (ECHR) ने उसकी अंतिम याचिका को खारिज कर दिया है, जिससे उसकी कानूनी लड़ाई समाप्त हो गई है।

इस निर्णय के बाद, अब उसके भारत प्रत्यर्पण में कोई कानूनी बाधा नहीं रह गई है। रिपोर्टों के अनुसार, ब्रिटेन सरकार ने नीरव मोदी को भारत सौंपने की प्रक्रिया तेज कर दी है और भारतीय एजेंसियों के साथ समन्वय किया जा रहा है। ऐसे में यह संभावना जताई जा रही है कि उसे जल्द ही भारत लाया जा सकता है।

यूरोपीय कोर्ट ने दी कोई राहत नहीं

कानूनी विकल्प समाप्त: एक रिपोर्ट के अनुसार, नीरव मोदी ने अपने प्रत्यर्पण को टालने के लिए अप्रैल 2026 में यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन अदालत ने उसे किसी भी प्रकार की राहत देने से इनकार कर दिया। इस फैसले के साथ ही उसके पास अपने प्रत्यर्पण को चुनौती देने का अंतिम कानूनी विकल्प भी समाप्त हो गया है।

लंबे समय से लंदन की जेल में

सात साल से बंद: नीरव मोदी मार्च 2019 से लंदन की एचएमपी वैंड्सवर्थ जेल में बंद है। इस दौरान उसने कई बार जमानत पाने और भारत प्रत्यर्पण रोकने के लिए याचिकाएं दायर कीं, लेकिन हर बार उसे असफलता का सामना करना पड़ा। अप्रैल 2021 में ब्रिटेन की पूर्व गृह सचिव प्रीति पटेल ने उसके भारत प्रत्यर्पण को मंजूरी दे दी थी। हाल ही में उसने यह दावा किया था कि भारत भेजे जाने पर उसे यातना का खतरा है, लेकिन ब्रिटिश कोर्ट ने इसे भी खारिज कर दिया।

कमर्शियल विवाद में भी झटका

बैंक ऑफ इंडिया को चुकाने होंगे 11.5 मिलियन डॉलर: नीरव मोदी को लंदन में एक अलग वाणिज्यिक विवाद में भी हार का सामना करना पड़ा है। लंदन के हाई कोर्ट ने उसे बैंक ऑफ इंडिया को 11.5 मिलियन अमेरिकी डॉलर चुकाने का आदेश दिया है। अदालत ने इस गारंटी को भारतीय कानून के तहत लागू करने योग्य माना है।

PNB घोटाले का मुख्य आरोपी

14,000 करोड़ का घोटाला: नीरव मोदी और उसके मामा मेहुल चोकसी पंजाब नेशनल बैंक के लगभग 2 अरब अमेरिकी डॉलर (लगभग 14,000 करोड़ रुपये) के धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के मुख्य आरोपी हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने बैंक अधिकारियों की मिलीभगत से बिना उचित सुरक्षा के लेटर्स ऑफ अंडरटेकिंग जारी करवाए। भारत में उनके खिलाफ तीन आपराधिक मामले दर्ज हैं और सीबीआई व ईडी उन्हें भारत लाने के प्रयास में जुटी हुई हैं।

प्रत्यर्पण की प्रक्रिया अंतिम चरण में

प्रशासनिक औपचारिकताएं बाकी: अब जबकि नीरव मोदी के सभी कानूनी विकल्प समाप्त हो चुके हैं, केवल ब्रिटेन के गृह मंत्रालय और भारतीय उच्चायोग के बीच अंतिम प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी की जानी बाकी हैं। इसमें दस्तावेजों का सत्यापन और भारत लाने के लिए आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था शामिल है। सूत्रों के अनुसार, इन तैयारियों के पूरा होते ही उसे किसी भी समय भारत डिपोर्ट किया जा सकता है।


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