नवरात्रि के लिए राजगिरा का आटा
नवरात्रि का त्योहार नजदीक है, और इस दौरान लोग व्रत रखते हैं। व्रत के दिनों में राजगिरा का आटा विशेष रूप से लोकप्रिय होता है। यह आटा बाजार में आसानी से उपलब्ध है, लेकिन घर पर बने आटे की शुद्धता और सुगंध का कोई मुकाबला नहीं।
जो लोग मिलावटी चीजों से बचना चाहते हैं, वे अक्सर बाजार से खरीदे गए आटे को टालते हैं। हालांकि, घर पर राजगिरा का आटा बनाना न केवल किफायती है, बल्कि इसकी शुद्धता पर भी भरोसा किया जा सकता है। आइए जानते हैं इसे कैसे बनाएं और सुरक्षित रूप से कैसे स्टोर करें।
राजगिरा का आटा बनाने की विधि
- सबसे पहले, एक प्लेट में 2 कप राजगिरा के बीज लें और उन्हें अच्छे से साफ करें।
- फिर, एक नॉन-स्टिक पैन में इन बीजों को डालें और मध्यम आंच पर 5 से 7 मिनट तक भूनें।
- भुने हुए बीजों को प्लेट में निकालकर ठंडा होने के लिए रख दें।
- जब बीज ठंडे हो जाएं, तो उन्हें मिक्सर में डालकर रुक-रुक कर पीसें।
- आटे को बारीक छलनी से छानें, जिससे पाउडर अलग हो जाए।
- बचे हुए मोटे टुकड़ों को फिर से पीस लें।
राजगिरा के आटे को स्टोर करने के तरीके
राजगिरा के आटे में प्राकृतिक तेल होता है, जिससे यह जल्दी खराब हो सकता है। इसलिए इसे सुरक्षित रखने के लिए कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए।
- आटे को हमेशा सूखे और एयरटाइट कांच के डिब्बे में रखें।
- यदि आपने ज्यादा आटा बनाया है, तो उसे फ्रिज में रखें। इससे आटा 2-3 महीने तक ताजा रहेगा।
- आटा निकालने के लिए हमेशा सूखी चम्मच का उपयोग करें, क्योंकि थोड़ी सी नमी भी फफूंद लगा सकती है।
- इसके अलावा, डिब्बे में एक तेज पत्ता डालने से कीड़ों का डर नहीं रहता।

