वाराणसी। सलाहकार श्री लेनिन रघुवंशी द्वारा अपने वक्तव्य में कहा गया कि, शिक्षाप्लस परियोजना केवल साक्षरता प्रदान करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह जीवन को सशक्त बनाने, सामाजिक जागरूकता बढ़ाने और निर्णय लेने की क्षमता

विकसित करने का साधन है। शिव नादर फाउंडेशन के साथ यह साझेदारी शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता का प्रतीक है।

इसके तहत ग्रामीण भारत में वंचित तबकों को शिक्षित कर उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की परिकल्पना की गई है। कार्यक्रम में संस्था के वित्तीय निदेशक

रिंकू पाण्डेय कार्यक्रम समन्वयक मंगला प्रसाद, सहित अरविंद कुमार, संजय राजभर, विनोद कुमार, दिनेश यादव, संदीप कुमार, सोनी, प्रिया, दीपा, दीपक पाण्डेय एवं सैकड़ो लोग शामिल रहे।

