पीओके से लेकर बलूचिस्तान तक पाकिस्तानी फौज ने आवास पर जुल्म ढाए हैं। इसका एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें बोनट पर एक लड़की की लाश को डा लकर फौज घुमा रही है। आर्मर्ड गाड़ी के बोनट पर लड़की की लाश और उसके पीछे- पीछे सेना की बख्तरबंद गाड़ियों का काफिला।
ये कोई फिल्म का सीन नहीं है, बल्कि बलुचिस्तान की आवाम को डराने का पाकिस्तानी फौज का हथकंडा है।
इस अमानवीय फौज ने एक मासूम लड़की को गोली मारी, फिर उसकी लाश को एक आर्मर्ड गाड़ी के बोनेट पर रख कर बलुचिस्तान की सड़कों पर घुमाया। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
पाकिस्तानी फौज सालों से बलूचिस्तान के लोगों का शोषण करती आई है। हालिया विरोध प्रदर्शन उस जुल्म के खिलाफ आवाम की आवाज है, जो लगातार बलूचिस्तान से पीओके तक आसिम मुनीर की फौज कर रही है। दरअसल बलूचिस्तान ने खुद को आजाद मुल्क घोषित कर दिया है।
इसके बाद वहाँ आवाम पर हर तरह के जुल्म ढाए जा रहे हैं। 5 जुलाई से शुरू किए गए आतंकवाद विरोधी अभियान के नाम पर मुनीर की फौज ने कम से कम 88 बलोच आवाम की जान ले ली है। बलोचों के नेताओं को जेल में ठूँस दिया गया है। बच्चों और युवाओं को किडनेप कर गायब कर दिया जा रहा है और लड़कियों की अस्मत लूट कर उसका कत्ल कर दिया जा रहा है।
POK में कहर बरपा रही मुनीर की फौज
पीओके में JAAC के विरोध मार्च के दौरान पाकिस्तानी फौज और रेंजर्स ने अँधाधुँध फायरिंग की है, जिसमें 40 लोगों के मौत की खबर है, जबकि 200 से ज्यादा घायल हुए हैं। इसके बाद पीओके सुलग उठा है और मामला संयुक्त राष्ट्रसंघ पहुँच गया है।
यूएन ने घटना पर चिंता जताई है और जैक के नेताओँ को कानूनी सहायता देने की बात कही है दरअसर जैक ने यूएन में मानवाधिकार उल्लंघन का पाकिस्तान पर आरोप लगाते हुए गुहार लगाई थी।
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर तुर्क ने पाकिस्तान से संयम बरतने, इंटरनेट चालू करने और शांतिपूर्ण सभा के अधिकार का सम्मान करने को कहा है। महँगाई, बिजली संकट और अधिकारों की माँग को लेकर हुए प्रदर्शनों के दौरान पाकिस्तान ने लोगों पर गोलियाँ चलाई और इसकी वजह से कई लोगों की मौत हो गई है। घटना के बाद मानवाधिकार संगठनों ने जाँच तेज कर दी है।
बताया जा रहा है कि पिछले 53 दिनों में 100 से ज्यादा मौते हुई है। वहीं पिछले 48 घंटे में 40 लोगों की मौत हो गई है। JAAC ने गिरफ्तार नेताओं से उनके परिवारवालों को मिलने देने की माँग की है। इसको लेकर उसने इस्लामिक देशों के संगठन ओआईसी को भी तत्काल दखल देने की माँग की है। JAAC ने जो चिट्ठी ओआईसी और यूएन को भेजा है, उसमें पाकिस्तानी फौज की तरफ से लगाई गई पाबंदियों को सिलसिलेवार तरीके से बताया गया है और लोकतंत्र को बहाल करने की माँग की गई है।
