मुंबई के 'लोन वुल्फ अटैक' मामले में आरोपित जुबैर ने बताया है कि पुलिस के डर से उसने घर पर ISIS के प्रति समर्थन दिखाने वाला एक नोट छोड़ रखा था। मुंबई के मीरा रोड इलाके में हुए ‘लोन वुल्फ अटैक’ मामले में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं।
पुलिस ने आरोपी जैब जुबैर अंसारी के घर से एक संदिग्ध नोट बरामद किया है, जिसमें उसने खुद को ‘लोन वुल्फ’ बताते हुए आतंकी संगठन ISIS के प्रति अपना समर्थन लिखा है। आरोपित ने कबूल किया कि वह हमले के बाद जिंदा बचने की उम्मीद छोड़ चुका था।
घर पर छोड़ गया था ‘सुसाइड नोट’
जाँच एजेंसियों के मुताबिक, अंसारी के घर से पेंसिल से लिखा एक नोट मिला है। उसने इसे अपने लैपटॉप के पास ऐसी जगह रखा था, ताकि पुलिस को आसानी से दिख जाए। नोट में लिखा था, “लोन वुल्फ तुम सब पर हमला करेगा।” आरोपित ने पूछताछ में बताया कि उसे लगा था कि सुरक्षा गार्डों पर हमला करने के बाद पुलिस उसका एनकाउंटर कर देगी। हमले के बाद वह घर जाकर काले कुर्ते में पुलिस का इंतजार कर रहा था।
फोन फॉर्मेट और ISIS से जुड़ाव
पुलिस को अंसारी के पास से दो मोबाइल फोन मिले हैं। ये दोनों फोन पूरी तरह फॉर्मेट किए गए थे ताकि कोई डिजिटल सबूत न मिल सके। पुलिस सूत्रों का कहना है कि वह इंटरनेट पर ISIS से जुड़ी वेबसाइट और यूट्यूब चैनल देखता था। एजेंसियाँ अब ‘सेल्फ-रैडिकलाइजेशन’ (खुद कट्टरपंथी बनना) के एंगल से जांच कर रही हैं। यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या वह किसी बाहरी संगठन के संपर्क में था।
वकील ने सबूतों को बताया ‘फर्जी’
दूसरी ओर, जुबैर अंसारी के वकील अब्दुल वहाब खान ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। वकील का कहना है कि आरोपी की गिरफ्तारी के बाद उसका घर खुला पड़ा था और उसे सील नहीं किया गया था। उनका आरोप है कि पुलिस ने सबूतों को वहां खुद ‘प्लांट’ किया है। वकील ने अंसारी की मेडिकल जांच की मांग की है और कहा है कि कोर्ट में इन आरोपों को साबित करने के लिए पुलिस के पास कोई ठोस सबूत नहीं है।
क्या था मामला?
27 अप्रैल की सुबह मीरा रोड की एक निर्माणाधीन साइट पर जैब अंसारी ने दो गार्डों से उनका धर्म पूछा और फिर चाकू से उन पर टूट पड़ा। इस हमले में एक गार्ड गंभीर रूप से घायल हो गया था। पुलिस अब डिजिटल फॉरेंसिक के जरिए उसके फोन का डेटा रिकवर करने की कोशिश कर रही है।
