पंजाब की एक कोर्ट ने सिविल जज की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। उन पर एक अन्य जज के घर से आभूषण चोरी करने का आरोप है। पंजाब के पटियाला में एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है।
यहाँ के सिविल जज (जूनियर डिवीजन) बिक्रमदीप सिंह पर अपने ही साथी दिवंगत जज के घर में अवैध रूप से घुसने और सोना-चाँदी चोरी करने का गंभीर आरोप लगा है।
पटियाला की अतिरिक्त सत्र अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपित जज बिक्रमदीप सिंह की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि ऐसे आरोप न्यायपालिका की गरिमा पर गहरा दाग लगाते हैं।
CCTV फुटेज ने खोली पोल, संदिग्ध हालत में दिखे जज
अतिरिक्त सत्र जज हरिंदर सिद्धू ने सुनवाई के दौरान बताया कि जाँच में आरोपित के खिलाफ पुख्ता सबूत मिले हैं। सबसे अहम सबूत CCTV फुटेज है। इस फुटेज में आरोपित जज बिक्रमदीप सिंह अपने साथियों के साथ दिवंगत जज के घर में संदिग्ध तरीके से आते-जाते दिख रहे हैं।
Video में उन्हें घर से बैग और कुछ डिब्बे बाहर ले जाते हुए भी देखा गया है। कोर्ट ने माना कि उनकी गतिविधियाँ पूरी तरह छिपी हुई और संदिग्ध थीं। यह पूरा मामला अतिरिक्त जिला एवं सत्र जज कंवलजीत सिंह के निधन से जुड़ा है।
1 अगस्त 2025 को अस्पताल में उनकी मृत्यु हो गई थी। आरोप है कि जिस रात उनकी मौत हुई, उसी रात आरोपित बिक्रमदीप सिंह ने उनके घर का ताला खोलकर वहाँ रखी नकदी, सोना और कीमती आभूषण गायब कर दिए। इस मामले में मृतक जज के बेटे के पावर ऑफ अटॉर्नी डॉ भूपिंदर सिंह विर्क ने 21 मार्च को केस दर्ज कराया था।
बचाव पक्ष की दलीलें कोर्ट ने की दरकिनार
बिक्रमदीप सिंह के वकीलों ने तर्क दिया कि उन्होंने मृतक के बेटे के कहने पर सामान सुरक्षित रखने के लिए लिया था। उन्होंने यह भी कहा कि सारा सामान वापस कर दिया गया है। हालाँकि, सरकारी पक्ष ने इस दावे को झूठा बताया।
कोर्ट ने व्हाट्सएप चैट्स की जाँच के बाद पाया कि सामान ले जाने की कोई लिखित अनुमति नहीं थी। कोर्ट ने साफ कहा कि सामान अभी तक बरामद नहीं हुआ है और पद की हैसियत के आधार पर किसी को कानून से छूट नहीं दी जा सकती।
