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तृषा कृष्णन और CM विजय पर अभद्र टिप्पणी करने के मामले में उदयनिधि स्टालिन गिरफ्तार, पहले भी महिलाओं पर दे चुके हैं विवादित बयान: सनातन को खत्म करने का भी देखते हैं सपना

 DMK नेता और पूर्व डिप्टी CM उदयनिधि स्टालिन ने CM सी जोसेफ विजय की आलोचना करते हुए एक्ट्रेस त्रिशा कृष्णन पर अभद्र और अश्लील टिप्पणी की है।

तमिलनाडु की राजनीति में विरोधी दलों से जुड़ी महिलाओं पर आपत्तिजनक टिप्पणियाँ करने के कई मामले सामने आ चुके हैं।

इसी सिलसिले में DMK के नेता और राज्य के पूर्व उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन ने 3 अगस्त 2026 को मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय की आलोचना करते हुए अभिनेत्री तृषा कृष्णन को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की।

तृषा कृष्णन को निशाना बनाकर की गई इस मानहानिकारक टिप्पणी के मामले में मंगलवार (4 अगस्त 2026) को पुलिस ने उदयनिधि स्टालिन को उनके घर से गिरफ्तार कर लिया।

3 अगस्त को कर्नाटक के साथ कावेरी जल बंटवारे के मुद्दे पर तंजावुर में आयोजित एक विरोध रैली को संबोधित करते हुए उदयनिधि स्टालिन ने आरोप लगाया कि सीएम विजय के नेतृत्व वाली तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) सरकार कावेरी का पानी नहीं मिलने के मुद्दे पर चुप है और उसका पूरा ध्यान DMK नेताओं के खिलाफ कथित तौर पर झूठे मामले दर्ज कराने पर है।

इसी दौरान रैली में मौजूद DMK कार्यकर्ताओं ने ‘तृषा, तृषा’ के नारे लगाने शुरू कर दिए। इस पर उदयनिधि स्टालिन कुछ पल रुके, मुस्कुराए और एक ऐसी टिप्पणी की, जिसे कई लोगों ने आपत्तिजनक और दोहरे अर्थ वाली टिप्पणी के तौर पर देखा।

तृषा कृष्णन का नाम लिए बिना उदयनिधि स्टालिन ने कहा, “हमारे यहाँ पानी आए या न आए, वहाँ पानी जरूर पहुँचना चाहिए। उन्हें बस इसी की चिंता है।” इसके बाद उन्होंने सफाई देते हुए कहा, “मेरा मतलब कावेरी के पानी से था।”

सोशल मीडिया पर यह वीडियो तेजी से वायरल हो गया है, जिस पर अलग-अलग राजनीतिक दलों और वैचारिक पृष्ठभूमि के लोगों ने प्रतिक्रिया दी है। कई लोगों ने अभिनेत्री त्रिशा कृष्णन को लेकर उदयनिधि स्टालिन की कथित दोहरे अर्थ वाली टिप्पणी की आलोचना की है।

तृषा इन दिनों अभिनेता से राजनेता बने और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय के साथ अपने कथित निजी संबंधों को लेकर भी चर्चा में हैं। उदयनिधि स्टालिन की टिप्पणी को लेकर तमिलनाडु की राजनीति भी गरमा गई है।

TVK विधायक रेवन्थ चरण ने इसे ‘घृणित और अस्वीकार्य’ बताते हुए कहा, “इसी वजह से तमिलनाडु की जनता ने आपको नकार दिया और आज आप जिस स्थिति में हैं, वहीं सीमित कर दिया। अरिवालयम के पहले से ही बेहद निम्न स्तर के बावजूद यह उससे भी नीचे की बात है।”

तमिलनाडु भाजपा ने भी विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन की कथित टिप्पणी की कड़ी निंदा की। पार्टी ने इसे ‘घृणित, अश्लील, अभद्र और शर्मनाक’ करार देते हुए उनके बयान पर सवाल उठाए।

तमिलनाडु भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता नारायणन तिरुपति ने पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए पूछा कि वह अपने बेटे उदयनिधि स्टालिन की एक महिला के खिलाफ अभद्र टिप्पणी पर मौन क्यों हैं। उन्होंने उदयनिधि स्टालिन की गिरफ्तारी की भी माँग की थाी।

इधर सत्तारूढ़ TVK ने इस मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) को पत्र लिखकर उदयनिधि स्टालिन के खिलाफ कार्रवाई की माँग की है। पार्टी का कहना है कि उनकी भाषा सार्वजनिक जगहों पर महिलाओं को वस्तु समझने और मौखिक उत्पीड़न (Verbal harassment) को सामान्य बनाती है तथा सार्वजनिक पद पर बैठे लोगों से अपेक्षित मर्यादा को गंभीर रूप से ठेस पहुँचाती है।

TVK ने यह भी कहा कि इस तरह का आचरण सार्वजनिक जीवन में महिलाओं के प्रति व्यवहार को लेकर एक ‘खतरनाक मिसाल’ कायम करता है। TVK ने राष्ट्रीय महिला आयोग से आग्रह किया है कि वह उदयनिधि स्टालिन से इस मामले में स्पष्टीकरण माँगे और उन्हें बिना शर्त सार्वजनिक माफी जारी करने का निर्देश दे।

साथ ही पार्टी ने माँग की है कि उनके खिलाफ सार्वजनिक अश्लीलता फैलाने और महिला की मर्यादा का कथित रूप से अपमान करने से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जाए।

राजनीतिक विरोधियों पर निशाना साधने के लिए महिलाओं को घसीटने के आरोपों को लेकर पहले भी विवादों में रहे हैं उदयनिधि स्टालिन

अभिनेत्री तृषा कृष्णन पर कथित तौर पर निशाना साधते हुए की गई दोहरे अर्थ वाली टिप्पणी को लेकर उदयनिधि स्टालिन को भारी आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। हालाँकि, राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों से जुड़ी महिलाओं को निशाना बनाते हुए लैंगिक (सेक्सिस्ट) टिप्पणियाँ करने के आरोप पहले भी उन पर लग चुके हैं।

2021 के तमिलनाडु विधानसभा चुनावों से पहले, प्रचार के दौरान उदयनिधि स्टालिन ने कहा था, “जब भी मैं अपने चुनावी भाषण में एडप्पडी सरकार का जिक्र करता हूँ, लोग मुझसे एडप्पडी नहीं, बल्कि ‘एडुपुडी’ (किसी के इशारों पर चलने वाला) कहने को कहते हैं। मैं पूछता हूँ कि एडुपुडी कौन है, तो लोग कहते हैं, मोदी का एडुपुडी। मेरी हाल की एक रैली में भीड़ से किसी ने कहा कि वह एडुपुडी नहीं, बल्कि ‘डेड बॉडी’ है, क्योंकि वह शशिकला के पैरों में गिर चुका है।”

इसी वर्ष जब TVK ने सरकार बनाई, तब उदयनिधि स्टालिन ने TVK प्रमुख जोसेफ विजय पर अपने राजनीतिक हमलों में उनकी पत्नी संगीता सोर्नालिंगम को भी घसीटा था। उन्होंने कहा था, “उनका (विजय का) ‘कुट्टी स्टोरी’ सुनाने वाला भाषण विधानसभा की गरिमा के पूरी तरह खिलाफ है। चेंगलपट्टू कोर्ट में अपने पति को तलाशती पत्नी की कहानी पूरे तमिलनाडु को पता है।”

मुख्यमंत्री विजय और उनकी पत्नी के बीच निजी विवाद को अपने राजनीतिक हमलों में घसीटने को लेकर उदयनिधि स्टालिन की उस समय कड़ी आलोचना हुई थी। और अब एक बार फिर उदयनिधि स्टालिन ने छोटे राजनीतिक लाभ के लिए तृषा कृष्णन और सीएम विजय के कथित निजी संबंधों को अपने राजनीतिक हमले का हिस्सा बनाया है।

उदयनिधि स्टालिन पिछले कई वर्षों में अलग-अलग कारणों से विवादों में रहे हैं। वर्ष 2023 में उन्होंने सनातन धर्म की तुलना ‘डेंगू, मलेरिया’ से करते हुए इसके ‘उन्मूलन’ का आह्वान किया था। उस समय देशभर में उनके खिलाफ व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए थे और इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने भी डीएमके नेता को फटकार लगाई थी।

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