-प्रदीप लक्ष्मीनारायण द्विवेदी, बॉलीवुड एस्ट्रो एडवाइजर (व्हाट्सएप- 6367472963) बुद्ध पूर्णिमा - 1 मई 2026, शुक्रवार
पूर्णिमा तिथि प्रारम्भ - 30 अप्रैल 2026 को 09:12 पीएम बजे
पूर्णिमा तिथि समाप्त - 1 मई 2026 को 10:52 पीएम बजे
हर माह की पूर्णिमा के अवसर पर कोई न कोई पर्व अवश्य मनाया जाता हैं.
पूर्णिमा का हिन्दू धर्म में विशेष महत्व है.
कहा जाता है कि कोई भी शुभ कार्य श्रीगणेश पूजा से प्रारंभ करना चाहिए तथा कार्य सम्पन्न हो जाने पर सत्यनारायण देव की पूजा करनी चाहिए.
सत्यनारायण देव और चन्द्र देव की पूजा के लिए पूर्णिमा सर्वश्रेष्ठ अवसर माना जाता है.
वैसे भी इस दिन का भारतीय जनजीवन में विशेष धार्मिक-सामाजिक महत्व है...
वैशाख माह की पूर्णिमा के दिन बुद्ध पूर्णिमा होती है.
ज्येष्ठ महीने की पूर्णिमा के दिन वट सावित्री व्रत होता है.
आषाढ़ पूर्णिमा, गुरु पूर्णिमा होती है, इस दिन गुरु पूजा होती है.
श्रावण की पूर्णिमा के दिन रक्षाबंधन का पर्व मनाया जाता है.
भाद्रपद की पूर्णिमा के दिन उमा महेश्वर व्रत होता है.
अश्विन की पूर्णिमा के दिन शरद पूर्णिमा का पर्व मनाया जाता है.
कार्तिक की पूर्णिमा के दिन देव दिवाली मनाते हैं.
मार्गशीर्ष की पूर्णिमा के दिन श्री दत्तात्रेय जयंती होती है.
पौष की पूर्णिमा पर शाकंभरी जयंती मनाई जाती है.
फाल्गुन की पूर्णिमा के दिन होली का पर्व मनाया जाता है.
चैत्र माह की पूर्णिमा, हनुमान जयन्ती होती है.
जिस व्यक्ति को पूर्णिमा के दिन मानसिक तनाव होता है या परेशानी होती है तो उस व्यक्ति को शिव पूजा करनी चाहिए और चन्द्र की वस्तुओं का दान करना चाहिए.
चन्द्र के अशुभ प्रभाव को समाप्त करने के लिए माता की सेवा करें, माता का आशीर्वाद प्राप्त करें, माता की दुआएं शुभ फल प्रदान करती हैं.
श्री गौमाता धर्म-कर्म पंचांग, चौघड़िया - 1 मई 2026
अन्वाधान - 1 मई 2026, शुक्रवार
इष्टि - 2 मई 2026, शनिवार
कूर्म जयन्ती, बुद्ध पूर्णिमा, वैशाख पूर्णिमा, अन्वाधान
शक सम्वत 1948, विक्रम सम्वत 2083, अमान्त महीना वैशाख, पूर्णिमान्त महीना वैशाख, वार शुक्रवार, पक्ष शुक्ल, तिथि पूर्णिमा - 10:52 पी एम तक, नक्षत्र स्वाती - 04:35 ए एम (2 मई 2026) तक, योग सिद्धि - 09:13 पी एम तक, करण विष्टि - 10:00 ए एम तक, द्वितीय करण बव - 10:52 पी एम तक, सूर्य राशि मेष, चन्द्र राशि तुला, राहुकाल 10:52 ए एम से 12:29 पी एम, अभिजित मुहूर्त 12:03 पी एम से 12:56 पी एम
राशिफल- 1 मई 2026
मेष, वृषभ, सिंह, तुला, धनु, मकर राशिवालों के लिए 1:14 पी एम तक उत्तम समय, शेष राशियों के लिए सामान्य दिन, मीन राशि में जन्मे लोगो के लिए अष्टम चन्द्र, सतर्क रहें, शिवोपासना करें!
दिन का चौघड़िया
चर - 05:59 से 07:36
लाभ - 07:36 से 09:14
अमृत - 09:14 से 10:52
काल - 10:52 से 12:29
शुभ - 12:29 से 02:07
रोग - 02:07 से 03:45
उद्वेग - 03:45 से 05:23
चर - 05:23 से 07:00
रात्रि का चौघड़िया
रोग - 07:00 से 08:22
काल - 08:22 से 09:45
लाभ - 09:45 से 11:07
उद्वेग - 11:07 से 12:29
शुभ - 12:29 से 01:51
अमृत - 01:51 से 03:14
चर - 03:14 से 04:36
रोग - 04:36से 05:58
चौघडिय़ा का उपयोग कोई नया कार्य शुरू करने के लिए शुभ समय देखने के लिए किया जाता है.
दिन का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.
रात का चौघडिय़ा- अपने शहर में सूर्यास्त से अगले दिन सूर्योदय के बीच के समय को बराबर आठ भागों में बांट लें और हर भाग का चौघडिय़ा देखें.
अमृत, शुभ, लाभ और चर, इन चार चौघडिय़ाओं को अच्छा माना जाता है और शेष तीन चौघडिय़ाओं- रोग, काल और उद्वेग, को उपयुक्त नहीं माना जाता है.
यहां दी जा रही जानकारियां संदर्भ हेतु हैं, विभिन्न पंचांगों, धर्मग्रथों से साभार ली गई है, स्थानीय समय, परंपराओं और धर्मगुरु-ज्योतिर्विद् के निर्देशानुसार इनका उपयोग कर सकते हैं, क्योंकि यहां दिया जा रहा समय अलग-अलग शहरों में स्थानीय समय के सापेक्ष थोड़ा अलग हो सकता है.
अपने ज्ञान के प्रदर्शन एवं दूसरे के ज्ञान की परीक्षा में समय व्यर्थ न गंवाएं क्योंकि ज्ञान अनंत है और जीवन का अंत है!

