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अब टीटीई ट्रेनों में आग लगने की स्थिति में फायर फाइटर की भूमिका निभाएंगे रेलवे ने जारी किए नए नियम

अब टीटीई ट्रेनों में आग लगने की स्थिति में फायर फाइटर की भूमिका निभाएंगे रेलवे ने जारी किए नए नियम

ई दिल्ली. ट्रेनों में आग लगने पर टिकट चेकिंग स्टाफ (टीटीई) फायर फाइटर की भूमिका में होंगे. ऐसी स्थिति में वे यात्रियों का अहम मददगार सिद्ध हों, इसके लिए रेलवे प्रशासन ने उनकी जिम्मेदारी तय करते हुए 18 बिंदुओं का अनुपालन सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं.

ऐसी आपदा के समय टिकट चेकिंग स्टाफ आरक्षण चार्ट देखेंगे. यदि कोई चिकित्सक यात्रा कर रहे हैं, तो सबसे पहले उन्हें कॉल कर प्रभावित यात्रियों की सहायता का आग्रह करेंगे. निकटतम स्टेशन, कंट्रोल कार्यालय, फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस सेवा को तत्काल सूचना देंगे. यात्रियों का सहयोग करते हुए उन्हें सुरक्षित कोच व अन्य स्थलों पर पहुंचाएंगे.

यात्रियों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाएंगे

गर्मी के दिनों में ट्रेनों में आग लगने पर यात्रियों की सुरक्षा को लेकर रेलवे प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है. नई व्यवस्था के अंतर्गत आपात स्थिति में टीटीई केवल टिकट जांच तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि महत्वपूर्ण राहतकर्मी की भूमिका भी निभाएंगे. किसी ट्रेन में आग लगने की सूचना मिलते ही टिकट चेकिंग स्टाफ को तत्काल सक्रिय होना होगा. त्चरित बचाव कार्य शुरू हो, इसके लिए वो तत्काल सूचना साझा करेंगे. यात्रियों को घबराने से रोकेंगे और उन्हें सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में सहयोग करेंगे. आवश्यकता पडऩे पर यात्रियों को प्रभावित कोच से निकालकर अन्य सुरक्षित कोचों या स्टेशन परिसर के सुरक्षित हिस्सों में पहुंचाने की जिम्मेदारी भी निभाएंगे.

रेलवे प्रशासन का मानना है कि ट्रेन में मौजूद टिकट चेकिंग स्टाफ यात्रियों के सबसे निकट होता है. ऐसे में दुर्घटना या आगजनी की स्थिति में अग्रिम पंक्ति में खड़े इन कर्मचारियों की तत्परता राहत एवं बचाव कार्यों को अधिक प्रभावी बना सकती है. इसी उद्देश्य से उन्हें आपदा प्रबंधन और प्राथमिक राहत से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं की जानकारी दी जा रही है.

अधिकारियों का कहना है कि हाल के वर्षों में ट्रेनों में आग लगने की कुछ घटनाओं के बाद सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई थी. समीक्षा के दौरान यह महसूस किया गया कि प्रारंभिक स्तर पर त्वरित कार्रवाई से नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है. इसी क्रम में टिकट चेकिंग स्टाफ की भूमिका को और अधिक जिम्मेदार तथा सक्रिय बनाया गया है. रेलवे प्रशासन को उम्मीद है कि नई व्यवस्था से आपात परिस्थितियों में यात्रियों की सुरक्षा और राहत कार्यों की प्रभावशीलता में उल्लेखनीय सुधार होगा.

टिकट चेकिंग स्टाफ को जारी प्रमुख जिम्मेदारी

घबराएं नहीं, स्थिति का त्वरित व शांतिपूर्वक आकलन करें.
आग व धुआं की सूचना मिलते ही अलार्म चेन पुलिंग करें.
रनिंग स्टाफ को सूचना देकर ब्रेक बाइंडिंग की स्थिति जाने.
यात्रियों को अगल-बगल की रेलवे लाइनों पर जाने से रोकें.
महिलाओं, बच्चों, वृद्ध एवं दिव्यांग की निकासी को प्रमुखता दें.
यात्रा कर रहे कर्मचारियों, आन बोर्ड डॉक्टरों की तुरंत सहायता लें.
चार्ट की जांच कर ट्रेन में यात्रा कर रहे डाक्टरों को तत्काल बुलाएं.
निकटतम स्टेशन, कंट्रोल, फायर ब्रिगेड, एम्बुलेंस सेवा को सूचना दें.
प्रभावित कोच के कपलर को अलग कर पावर सप्लाई तुरंत बंद करें.
पेंट्रीकार में खाना बनाने वाले उपकरणों को बंद कर उन्हें अलग करें.
अग्निशामक यंत्र, पानी, रेत एवं उपलब्ध अन्य संसाधनों का उपयोग करें.
घायलों को आवश्यक प्राथमिक उपचार व प्रभावित क्षेत्र की निगरानी करें.

Source : palpalindia

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