रायपुर. छत्तीसगढ़ की सड़कों पर वाहनों की बढ़ती संख्या के बीच एक चिंताजनक तस्वीर सामने आई है. राज्य में पंजीकृत लगभग 96 लाख वाहनों में से 40 लाख से भी अधिक गाड़ियां बिना किसी वैध बीमा (Insurance) के धड़ल्ले से चल रही हैं.
इस सूची में सबसे बड़ी लापरवाही दोपहिया वाहन चालकों की ओर से देखी जा रही है, जहां 10 लाख से अधिक बाइक और स्कूटर बिना इंश्योरेंस के सड़कों पर दौड़ रहे हैं.
परिवहन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, लोग नई गाड़ियां खरीदते समय तो बीमा करवा लेते हैं, लेकिन उसकी अवधि (Validity) समाप्त होने के बाद उसका नवीनीकरण (Renewal) नहीं कराते.
राज्य में वाहनों का कुल आंकड़ा (Category Wise Vehicles)
छत्तीसगढ़ में कुल पंजीकृत 95,75,343 वाहनों का ब्योरा इस प्रकार है:
वाहन का प्रकार (Vehicle Type) कुल संख्या (Total Count)
दोपहिया (Two-Wheelers) 70.80 लाख
तीनपहिया (Three-Wheelers) 1.26 लाख
कार (Cars/LMV) 4.42 लाख
कमर्शियल वाहन (Commercial Vehicles) 6.15 लाख
अन्य वाहन (Other Vehicles) 5.13 लाख
बीमा न होने के गंभीर नुकसान
बीमा न होने की स्थिति में दुर्घटना, चोरी, आगजनी या प्राकृतिक आपदा होने पर वाहन मालिक को कोई मुआवजा नहीं मिलता.
थर्ड पार्टी बीमा (Third Party Insurance): कानूनन सड़क पर चलने वाली हर गाड़ी के लिए थर्ड पार्टी इंश्योरेंस होना अनिवार्य है. यदि दुर्घटना में किसी अन्य व्यक्ति या उसकी संपत्ति को नुकसान पहुंचता है, तो कंपनी उसकी भरपाई करती है. बीमा न होने पर यह पूरा वित्तीय बोझ वाहन मालिक पर आ जाता है.
फर्स्ट पार्टी बीमा (First Party Insurance): यह स्वयं के वाहन को हुए नुकसान की भरपाई करता है.
राष्ट्रीय स्तर पर स्थिति: 'राष्ट्रीय वाहन डेटाबेस' के आंकड़ों के अनुसार, पूरे भारत में लगभग 16.5 करोड़ वाहन बिना वैध इंश्योरेंस के चल रहे हैं, जो कुल रजिस्टर्ड गाड़ियों का लगभग 44% से 54% है.
केंद्र सरकार का नया नियम: 4 साल का पैकेज mandatory
वाहन चालकों की इस लापरवाही को देखते हुए केंद्र सरकार ने नई गाड़ियों की खरीद पर 4 साल का इंश्योरेंस पैकेज अनिवार्य कर दिया है.
पहला वर्ष: फर्स्ट पार्टी बीमा (Own Damage + Third Party)
अगले तीन वर्ष: केवल थर्ड पार्टी बीमा (Third Party Coverage)
नियम तोड़ने पर ₹10,000 तक का जुर्माना और जेल
मोटर वाहन अधिनियम (Motor Vehicles Act) के तहत बिना बीमा गाड़ी चलाना गंभीर कानूनी अपराध है:
पहली बार पकड़े जाने पर: ₹2,000 तक का जुर्माना.
दोबारा या बार-बार पकड़े जाने पर: ₹10,000 तक का जुर्माना या 3 महीने तक की जेल (या दोनों).
परिवहन विभाग ने अब बिना बीमा वाले वाहनों को पकड़ने के लिए विशेष निगरानी बढ़ा दी है. शहरों में अधिकारी विशेष मोबाइल ऐप (Mobile App) का उपयोग कर रहे हैं, जिससे एक सिंगल क्लिक पर गाड़ी के बीमा, फिटनेस और सभी जरूरी डॉक्यूमेंट्स की पूरी जानकारी मिल जाती है और तत्काल ई-चालान काटा जा रहा है.
Source : palpalindiaछत्तीसगढ़: पूर्व सीएम भूपेश बघेल के करीबी केके श्रीवास्तव को ईडी ने किया गिरफ्तार, 8 दिन की रिमांड

