नई दिल्ली. टाइम्स नाउ नवभारत की मूल कंपनी बेनेट कोलमैन एंड कंपनी लिमिटेड (बीसीसीएल) ने अपने लोकप्रिय समाचार कार्यक्रम 'न्यूज़ की पाठशाला' के कथित कॉपीराइट उल्लंघन का आरोप लगाते हुए दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है.
कंपनी का दावा है कि पत्रकार सुशांत सिन्हा का नया कार्यक्रम 'देश की पाठशाला', जो नेटवर्क18 से प्रसारित हो रहा है, उसके कार्यक्रम के प्रारूप, प्रस्तुति शैली और संरचना की नकल करता है. मामले की सुनवाई करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने नेटवर्क18 और सुशांत सिन्हा को समन जारी कर 30 दिनों के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है.
न्यायमूर्ति अनुप जयराम भंभानी की एकलपीठ ने टाइम्स नाउ नवभारत की ओर से दायर अंतरिम निषेधाज्ञा (इंटरिम इंजंक्शन) की मांग वाली अर्जी पर भी नोटिस जारी किया. हालांकि अदालत ने स्पष्ट किया कि कार्यक्रम के प्रसारण पर रोक लगाने संबंधी किसी भी अंतरिम राहत पर निर्णय प्रतिवादियों का जवाब प्राप्त होने के बाद ही लिया जाएगा. मामले की अगली सुनवाई 25 अगस्त को निर्धारित की गई है.
सुनवाई के दौरान टाइम्स नाउ नवभारत की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता हेमंत सिंह ने अदालत को बताया कि यह मामला किसी बाहरी व्यक्ति के विरुद्ध नहीं, बल्कि कंपनी के पूर्व कर्मचारी से जुड़ा है, जिस पर संस्थान ने वर्षों तक विश्वास किया. उन्होंने कहा कि वर्ष 2021 में जब सुशांत सिन्हा कंपनी से जुड़े थे, तब उनकी पहचान सीमित थी और संस्थान ने उन्हें स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. उन्होंने स्पष्ट किया कि कंपनी को इस बात से कोई आपत्ति नहीं है कि कोई पूर्व कर्मचारी किसी अन्य मीडिया संस्थान में कार्य करे, लेकिन किसी कार्यक्रम का संपूर्ण प्रारूप और प्रस्तुति शैली लेकर प्रतिस्पर्धी मंच पर लगभग उसी रूप में प्रस्तुत करना कॉपीराइट का उल्लंघन है.
याचिकाकर्ता की ओर से अदालत में दावा किया गया कि 'देश की पाठशाला' और 'न्यूज़ की पाठशाला' की शुरुआत, प्रस्तुति शैली, कार्यक्रम की संरचना तथा विभिन्न हिस्सों का क्रम काफी हद तक समान है. हेमंत सिंह ने अदालत को बताया कि जहां पुराने कार्यक्रम में "आज देखिए" और "आज कौन-कौन से चैप्टर खोलने वाला हूं" जैसे वाक्यांश प्रयुक्त होते थे, वहीं नए कार्यक्रम में "आज का अध्याय" और "आज कौन-कौन सी खबरों के अध्याय खोलने जा रहा हूं" जैसे लगभग समान प्रारूप अपनाए गए हैं. उनके अनुसार यह केवल शब्दों का नहीं, बल्कि पूरे कार्यक्रम के संरचनात्मक प्रारूप का मामला है, जिसे कॉपीराइट संरक्षण प्राप्त है.
दूसरी ओर, सुशांत सिन्हा की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता संदीप सेठी ने इन आरोपों का विरोध किया. उन्होंने अदालत को बताया कि बेनेट कोलमैन पहले भी पत्रकार के विरुद्ध मुकदमा दायर कर चुका है, लेकिन उस समय अदालत ने कोई अंतरिम राहत प्रदान नहीं की थी. वहीं नेटवर्क18 की ओर से पेश अधिवक्ता ने तर्क दिया कि "पाठशाला" शब्द का उपयोग विभिन्न समाचार और टेलीविजन कार्यक्रमों में पहले से होता रहा है. इसलिए केवल इस शब्द या सामान्य प्रस्तुति शैली के आधार पर कॉपीराइट उल्लंघन का दावा स्वीकार नहीं किया जा सकता.
दोनों पक्षों की प्रारंभिक दलीलें सुनने के बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने प्रतिवादियों को समन जारी करते हुए 30 दिनों के भीतर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया. साथ ही अंतरिम राहत संबंधी आवेदन पर सुनवाई के लिए 25 अगस्त की तारीख निर्धारित की गई.
यह मामला मीडिया उद्योग में समाचार कार्यक्रमों के फॉर्मेट, प्रस्तुति शैली और कॉपीराइट संरक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण कानूनी प्रश्नों को सामने लाता है. अब यह दिल्ली हाईकोर्ट तय करेगा कि किसी समाचार कार्यक्रम का प्रारूप और उसकी प्रस्तुति किस सीमा तक कॉपीराइट संरक्षण के दायरे में आती है और क्या इस मामले में प्रथम दृष्टया कॉपीराइट उल्लंघन का मामला बनता है.
Source : palpalindia
