Dailyhunt Logo
  • Light mode
    Follow system
    Dark mode
    • Play Story
    • App Story
दिल्ली हाईकोर्ट से टीवी देखने वालों के लिए राहत, विज्ञापन समय सीमा पर का बड़ा फैसला

दिल्ली हाईकोर्ट से टीवी देखने वालों के लिए राहत, विज्ञापन समय सीमा पर का बड़ा फैसला

ई दिल्ली. दिल्ली हाई कोर्ट ने टीवी दर्शकों को लगातार लंबे-लंबे विज्ञापनों से राहत दिलाने के लिए बड़ा फैसला सुनाया है. कोर्ट ने साफ कर दिया है कि अब किसी भी टीवी चैनल को एक घंटे में 12 मिनट से ज्यादा विज्ञापन दिखाने की अनुमति नहीं होगी.

दिल्ली हाईकोर्ट ने ट्राई के उस नियम को पूरी तरह सही ठहराया जिसमें टीवी चैनलों के लिए हर घंटे अधिकतम 12 मिनट विज्ञापन दिखाने की सीमा तय की गई है.

कोर्ट ने चैनलों और ब्रॉडकास्टर्स की सभी याचिकाएं खारिज कर दीं. डिवीजन बेंच के जस्टिस अनिल क्षेत्रपाल और जस्टिस अमित महाजन ने कहा कि ट्राई ने अपने अधिकार क्षेत्र के भीतर रहकर यह नियम बनाया है और इसका मकसद दर्शकों को बेहिसाब विज्ञापनों से बचाना है.

क्या है अभी विज्ञापन के नियम?

ट्राई के नियमों के मुताबिक अभी एक घंटे में अधिकतम 10 मिनट विज्ञापन और 2 मिनट सेल्फ प्रमोशनल कंटेंट दिखाया जा सकता है. यानी कुल मिलाकर किसी भी चैनल पर एक घंटे में सिर्फ 12 मिनट विज्ञापन प्रसारित होंगे.

हाई कोर्ट में चैनलों ने दी ये दलील

मनोरंजन, न्यूज और क्षेत्रीय टीवी चैनलों ने कोर्ट में कहा था कि विज्ञापन ही उनकी कमाई का सबसे बड़ा जरिया है. उन्होंने दावा किया कि यह सीमा उनके कारोबार को नुकसान पहुंचाएगी. फ्री-टू-एयर और क्षेत्रीय चैनलों के लिए आर्थिक संकट खड़ा होगा. विज्ञापन भी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हिस्सा हैं न्यूज चैनलों ने तर्क दिया कि कॉमर्शियल स्पीच भी संविधान के आर्टिकल 19(1)(ए) के तहत संरक्षित है.

दिल्ली हाई कोर्ट ने इसलिए खारिज की दलील

दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि दर्शकों का हित सबसे ऊपर है. टीवी देखने वाले लोग रियल टाइम में विज्ञापनों को स्किप नहीं कर सकते, इसलिए जरुरत से ज्यादा विज्ञापन उनके देखने के अनुभव को खराब करते हैं. कोर्ट ने माना कि 12 मिनट की सीमा एक संतुलित व्यवस्था है, जो चैनलों के व्यावसायिक हित और दर्शकों के अधिकार दोनों के बीच संतुलन बनाती है.

10 साल से चल रही थी कानूनी लड़ाई

यह मामला पिछले एक दशक से अदालत में लंबित था. साल 2013 में हाईकोर्ट ने ट्राई को चैनलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने से रोक दिया था. अब अंतिम फैसले में कोर्ट ने ट्राई के नियमों को पूरी तरह वैध ठहरा दिया है. ट्राई द्वारा बनाया गया नियम संविधान के आर्टिकल 14 और 19 का उल्लंघन नहीं करता. यह दर्शकों के हित में बनाया गया संतुलित नियामक ढांचा है.

Source : palpalindia

दिल्ली हाईकोर्ट से कॉकरोच जनता पार्टी को झटका, एक्स अकाउंट बहाल करने से किया इनकार

Dailyhunt
Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Palpal India