Dailyhunt Logo
  • Light mode
    Follow system
    Dark mode
    • Play Story
    • App Story
मंगल कुंडली में अशुभ हो तो ऐसे परिणाम मिलते

मंगल कुंडली में अशुभ हो तो ऐसे परिणाम मिलते

मंगल एक अग्नि तत्व का, तेजस्वी और क्रूर ग्रह है. इसका सीधा संबंध ऊर्जा, साहस, युद्ध, भूमि, दुर्घटना और रक्त से होता है. अशुभ स्थिति में यह निम्नलिखित समस्याएं उत्पन्न कर सकता हैमंगल अशुभ हो तो संभावित दुष्परिणाम क्रोध और झगड़ालू स्वभाव व्यक्ति बहुत जल्दी गुस्से में आ सकता है, विशेषकर यदि मंगल 1st, 4th, 7th, 8th या 12th भाव में हो.

दुर्घटना और चोट सिर, रक्त, मांसपेशियों या हड्डियों से जुड़ी चोटें बार-बार हो सकती हैं.
वैवाहिक जीवन में तनाव विशेषकर यदि मंगल 1, 4, 7, 8 या 12 भाव में हो तो मांगलिक दोष बनता है, जो विवाह में देरी, तलाक या पति-पत्नी में कलह का कारण बनता है.
भूमि विवाद या संपत्ति के नुकसान भूमि, मकान या वाहन से संबंधित नुकसान या विवाद हो सकते हैं.
भाई-बहनों से संबंध खराब होना मंगल छोटे भाई का कारक है, इसलिए उन संबंधों में दरार हो सकती है.
उग्र और असंयमित ऊर्जा गलत दिशा में ऊर्जा लगने से व्यक्ति हिंसक, असंतुलित या आत्मविनाशक प्रवृत्ति का हो सकता है.
अभद्र व्यवहार और कानून से टकराव अशुभ मंगल व्यक्ति को हिंसा या अपराध की दिशा में भी ले जा सकता है.
समाधान
1. मंगलवार का व्रत रखें
2. हनुमान चालीसा का पाठ करें और हनुमानजी की उपासना करें (मंगल और हनुमान का संबंध है).
3. मंगल बीज मंत्र का जाप करें:
ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः - रोज़ 108 बार जाप करें.
4. लाल वस्त्र, मसूर की दाल या तांबा दान करें
5. मंगल ग्रह की शांति के लिए मंगला स्तोत्र या भौम स्तोत्र पढ़ें
6. माणिक्य रत्न कभी-कभी लाभ देता है लेकिन कुंडली देखकर ही पहनें.
पंडित चंद्रशेखर नेमा हिमांशु(9893280184)
मां कामाख्या साधक जन्मकुंडली विशेषज्ञ वास्तु शास्त्री

Dailyhunt
Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Palpal India