अनिल मिश्र/ पटना. बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में आयोजित एक सांस्कृतिक कार्यक्रम उस समय अफरा-तफरी में बदल गया जब भोजपुरी स्टार Khesari Lal Yadav के मंच पर आने से पहले ही भीड़ बेकाबू हो गई और जमकर हंगामा शुरू हो गया.
यह कार्यक्रम भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री Ramsurat Rai द्वारा अपने पिता अर्जुन बाबू की पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित पशु मेले के तहत रखा गया था. हर साल की तरह इस बार भी गरहा में आयोजित इस मेले में बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ी थी, लेकिन इस बार आयोजन अव्यवस्था और बवाल के कारण सुर्खियों में आ गया.
प्राप्त जानकारी के अनुसार बुधवार की शाम जैसे ही कार्यक्रम स्थल पर खेसारी लाल यादव के आने की खबर फैली, बड़ी संख्या में लोग मंच के पास इकट्ठा होने लगे. कार्यक्रम शुरू होने से पहले ही भीड़ अनियंत्रित हो गई और अचानक अफरा-तफरी का माहौल बन गया. इसी दौरान भीड़ में मौजूद कुछ उपद्रवी तत्वों ने कुर्सियां तोड़नी शुरू कर दीं और सुरक्षा के लिए लगाई गई बैरिकेडिंग को भी नुकसान पहुंचाया. देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया और कार्यक्रम स्थल पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई.
बताया जा रहा है कि विवाद की शुरुआत उस समय हुई जब कुछ युवक जबरन मंच पर चढ़ने की कोशिश करने लगे. सुरक्षा कर्मियों द्वारा उन्हें रोके जाने पर विवाद बढ़ गया और धीरे-धीरे यह झड़प बड़े बवाल में बदल गई. कुछ लोगों ने अन्य लोगों को भी उकसाया, जिससे स्थिति और बिगड़ती चली गई. इस दौरान कार्यक्रम स्थल पर मौजूद हजारों लोगों के बीच दौड़-भाग शुरू हो गई और कई लोग गिर पड़े, जिससे उन्हें हल्की चोटें आईं.
स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस और निजी सुरक्षा कर्मियों को तुरंत मोर्चा संभालना पड़ा. भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षाकर्मियों ने लाठी भांजकर लोगों को पीछे हटाने की कोशिश की, जिसके बाद उपद्रवी मौके से भागने लगे. हालांकि इस दौरान किसी के गंभीर रूप से घायल होने की खबर नहीं है, लेकिन कई लोगों को हल्की चोटें आने की सूचना है. पूरे घटनाक्रम के वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिसमें साफ देखा जा सकता है कि किस तरह भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बल प्रयोग किया जा रहा है.
हालात बिगड़ते देख खुद रामसूरत राय मंच पर पहुंचे और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की. उनके हस्तक्षेप के बाद धीरे-धीरे स्थिति सामान्य हुई और कार्यक्रम को नियंत्रित किया जा सका. हालांकि इस घटना ने आयोजन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि इतनी बड़ी भीड़ के हिसाब से पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए थे, जिसके कारण यह स्थिति बनी.
गौरतलब है कि इस मेले में इससे पहले भी अव्यवस्था की घटनाएं सामने आ चुकी हैं. दो दिन पहले ही मेले के थिएटर मंच पर कलाकारों के बीच मारपीट का वीडियो वायरल हुआ था, जिसने पहले ही सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी थी. इसके बावजूद पर्याप्त सुधार नहीं किए जाने के आरोप भी सामने आ रहे हैं.
यह पशु मेला हर साल क्षेत्र में बड़े आयोजन के रूप में जाना जाता है, जिसमें कला, संस्कृति, खेल और धार्मिक गतिविधियों के साथ-साथ मनोरंजन के लिए बड़े कलाकारों को बुलाया जाता है. लेकिन इस बार का आयोजन अव्यवस्था और बवाल के कारण चर्चा में आ गया है. प्रशासन के लिए यह घटना एक चेतावनी के रूप में देखी जा रही है कि बड़े आयोजनों में भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा इंतजामों को और मजबूत करने की जरूरत है.
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुट गई है और उपद्रवियों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है. प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो. इस घटना ने न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि राज्यभर में बड़े आयोजनों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नई बहस छेड़ दी है.
Source : palpalindiaरिंग रोड निर्माण के दौरान बड़ा हादसा , रोड रोलर की चपेट में आने से बिहार के श्रमिक की दर्दनाक मौत

