जबलपुर. संस्कारधानी के ऐतिहासिक और सिद्ध पीठ पचमठा हनुमान मंदिर में इस वर्ष हनुमान प्रकटोत्सव के पावन अवसर पर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया गया है. अपनी प्राचीनता और अनूठी परंपराओं के लिए विख्यात इस मंदिर में श्रद्धा और भक्ति का ऐसा सैलाब उमड़ा कि पुराना इतिहास पीछे छूट गया.
मंदिर समिति और स्थानीय श्रद्धालुओं के विशेष सहयोग से इस बार भगवान बजरंगबली को 1250 किलो यानी सवा टन का विशाल लड्डू अर्पित किया गया है. गौरतलब है कि पचमठा मंदिर में प्रतिवर्ष एक टन यानी 1000 किलोग्राम का लड्डू चढ़ाने की परंपरा रही है, लेकिन इस वर्ष श्रद्धालुओं के उत्साह और अटूट आस्था के चलते इस मात्रा को बढ़ाकर सवा टन कर दिया गया. इस महाप्रसाद को तैयार करने के लिए कई दिनों से कारीगर जुटे हुए थे और शुद्धता व सात्विकता का विशेष ध्यान रखते हुए इसे तैयार किया गया, जिसे देखने और इसके दर्शन करने के लिए सुबह से ही भक्तों की भारी भीड़ जमा रही.
मंदिर की सजावट भी इस बार देश-दुनिया में चर्चा का विषय बनी हुई है. पूरे परिसर को सवा सौ करोड़ श्री राम नाम के पटकों और कलाकृतियों से विशेष रूप से सजाया गया है. मंदिर की दीवारों से लेकर गुंबद तक हर ओर प्रभु श्री राम का नाम गुंजायमान हो रहा है. पचमठा मंदिर समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि हनुमान जी को राम नाम अत्यंत प्रिय है, इसीलिए उनके प्रकटोत्सव पर पूरे मंदिर को राममय कर दिया गया है. राम नाम की इन पट्टिकाओं को इस तरह व्यवस्थित किया गया है कि मंदिर की आभा अलौकिक प्रतीत हो रही है. भक्तों का मानना है कि सवा सौ करोड़ राम नाम के सानिध्य में हनुमान जी के दर्शन करना अपने आप में सौभाग्य की बात है.
हनुमान जन्मोत्सव के इस विशेष अवसर पर ब्रह्म मुहूर्त से ही मंदिर के द्वार खोल दिए गए थे, जहाँ भगवान का विशेष अभिषेक और श्रृंगार किया गया. जैसे ही सवा टन के लड्डू का भोग लगाया गया, पूरा परिसर 'जय श्री राम' और 'जय हनुमान' के जयकारों से गूंज उठा. सुरक्षा और व्यवस्था को देखते हुए प्रशासन और मंदिर समिति ने व्यापक इंतजाम किए थे ताकि हजारों की संख्या में पहुंच रहे श्रद्धालुओं को सुगमता से दर्शन प्राप्त हो सकें. शाम को महाआरती का आयोजन किया गया है जिसमें शहर के गणमान्य नागरिकों सहित हजारों की तादाद में भक्त शामिल होंगे. पचमठा मंदिर की यह भव्यता न केवल जबलपुर बल्कि पूरे प्रदेश में आकर्षण का केंद्र बनी हुई है. सवा टन का यह लड्डू बाद में भक्तों के बीच प्रसाद के रूप में वितरित किया जाएगा, जो साप्रदायिक सद्भाव और सामूहिक सहभागिता का प्रतीक बन गया है.
Source : palpalindiaजबलपुर मे शादी समारोह में विवाद पर हुई घोड़ी वाले की हत्या के सभी 8 आरोपी गिरफ्तार

