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पटना में भीषण नाव हादसा, 15 लोग गंगा नदी में डूबे, 7 की मौत, तेज हवाओं से नाव पलटी

पटना में भीषण नाव हादसा, 15 लोग गंगा नदी में डूबे, 7 की मौत, तेज हवाओं से नाव पलटी

पटना. बिहार की राजधानी पटना जिले के बाढ़ अनुमंडल स्थित उमानाथ गंगा घाट पर एक दर्दनाक नाव हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया. रोजी-रोटी के लिए दियारा इलाके में परवल तोडऩे जा रहे किसानों से भरी नाव गंगा नदी में पलट गई. इस हादसे में अब तक 7 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई लोगों को स्थानीय नाविकों की मदद से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया.

मृतकों में 1 पुरुष और 6 महिलाएं शामिल हैं. सभी मृतक बाढ़ क्षेत्र के बिंद टोली के रहने वाले बताए जा रहे हैं, जहां घटना के बाद चीख-पुकार और मातम का माहौल है.

स्थानीय लोगों के अनुसार, बिंद टोली के किसान हर दिन की तरह सुबह भी नाव के जरिए गंगा पार दियारा इलाके में परवल तोडऩे जा रहे थे. दियारा क्षेत्र में खेती और मजदूरी ही इन परिवारों की आजीविका का मुख्य साधन है. प्रतिदिन दर्जनों किसान नाव से नदी पार कर खेतों में काम करने जाते हैं. बुधवार को भी करीब 14 से 15 लोग एक छोटी नाव पर सवार होकर निकले थे.

बताया जा रहा है कि नाव जैसे ही नदी के बीच पहुंची, तभी अचानक तेज हवा चलने लगी. तेज बहाव और हवा के कारण नाव असंतुलित हो गई और देखते ही देखते गंगा नदी में पलट गई. नाव पलटते ही उसमें सवार लोगों में चीख-पुकार मच गई. कई लोग गहरे पानी में डूबने लगे. घटना को देखकर आसपास मौजूद नाविकों ने अपनी नाव से डूब रहे लोगों को बचाया. स्थानीय नाविकों की तत्परता से सात लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जबकि कुछ लोग तैरकर किसी तरह किनारे तक पहुंचे. लेकिन कई लोग नदी में लापता हो गए.

बाद में चलाए गए रेस्क्यू अभियान में एक महिला और एक युवक का शव बरामद किया गया. प्रशासन ने अब तक कुल 7 लोगों की मौत की पुष्टि की है, जबकि पांच अन्य लोगों की तलाश स्टेट डिजास्टर रेस्पॉन्स फोर्स की टीम द्वारा लगातार की जा रही है.

हादसे की खबर मिलते ही उमानाथ गंगा घाट पर भारी भीड़ जुट गई. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. बिंद टोली में हर घर में मातम पसरा हुआ है. जिन परिवारों के सदस्य नाव पर सवार थे, वे गंगा किनारे घंटों अपनों के मिलने की उम्मीद में खड़े रहे.

घटना की सूचना मिलते ही बाढ़ थानाध्यक्ष ब्रजकिशोर सिंह, एसडीएम गरिमा लोहिया, सीडीपीओ रामाकृष्णा और अंचलाधिकारी डॉ. नरेंद्र कुमार सिंह मौके पर पहुंचे. प्रशासन ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया. SDRF की टीम मोटरबोट और गोताखोरों की मदद से गंगा नदी में लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है.

प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि हादसे के कारणों की जांच की जा रही है. प्रारंभिक तौर पर तेज हवा और क्षमता से अधिक लोगों के नाव पर सवार होने को हादसे की वजह माना जा रहा है. वहीं, स्थानीय लोगों ने दियारा क्षेत्र में सुरक्षित नाव संचालन और स्थायी पुल या बेहतर व्यवस्था की मांग उठाई है, ताकि रोज कमाने-खाने के लिए जान जोखिम में डालने वाले गरीब किसानों को ऐसी त्रासदी का सामना न करना पड़े.

Source : palpalindia
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Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Palpal India