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पिस्तौल की नोक पर पुलिसिया गुंडागर्दी और वर्दी का रौब, खाकी ने फिर की शर्मनाक करतूत

पिस्तौल की नोक पर पुलिसिया गुंडागर्दी और वर्दी का रौब, खाकी ने फिर की शर्मनाक करतूत

बलपुर. एक शादी समारोह में जो मंजर देखा गया उसने न केवल पुलिस की छवि को धूमिल किया है बल्कि आम नागरिक की सुरक्षा पर भी बड़े सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं. संस्कारधानी में उस वक्त हड़कंप मच गया जब खुशियों भरे माहौल में क्राइम ब्रांच के एक सिपाही ने अपनी मर्यादाओं को ताक पर रखकर जमकर उपद्रव मचाया.

मिली जानकारी के अनुसार क्राइम ब्रांच में पदस्थ आरक्षक आनंद तिवारी ने शादी की खुशियों के बीच न केवल बारातियों के साथ मारपीट की बल्कि सरकारी पद और हथियार का ऐसा प्रदर्शन किया जिसे देखकर वहां मौजूद हर शख्स कांप उठा. प्रत्यक्षदर्शियों और वायरल वीडियो के आधार पर यह स्पष्ट हुआ है कि आरक्षक आनंद तिवारी ने अपनी पिस्टल निकालकर सरेआम बारातियों को जान से मारने की धमकी दी और उन पर लाठियों से हमला कर दिया.

हैरानी की बात यह है कि नशे और वर्दी के घमंड में चूर इस पुलिसकर्मी ने महिलाओं और बुजुर्गों तक का लिहाज नहीं किया. इस सिपाही ने सरेआम अभद्र भाषा का प्रयोग किया और महिलाओं के साथ बदसलूकी की जिससे विवाह स्थल का माहौल पूरी तरह से डर और दहशत में तब्दील हो गया. इस गंभीर घटना के बाद शहर के लोगों में भारी रोष व्याप्त है और पुलिस की कार्यप्रणाली पर उंगलियां उठने लगी हैं.

घटना के विरोध में आज युवा कांग्रेस जबलपुर के कार्यकर्ताओं ने मोर्चा खोलते हुए शाम 5 बजे पुलिस अधीक्षक कार्यालय का घेराव किया. युवा कांग्रेस के प्रतिनिधियों ने एसपी को ज्ञापन सौंपकर आरक्षक आनंद तिवारी की इस गुंडागर्दी पर कड़ा ऐतराज जताया है. कांग्रेस नेताओं का कहना है कि जिस पुलिस के कंधों पर सुरक्षा की जिम्मेदारी है यदि वही पिस्तौल दिखाकर जनता को डराएगी तो कानून व्यवस्था का क्या होगा.

ज्ञापन में स्पष्ट तौर पर मांग की गई है कि आरोपी पुलिसकर्मी के खिलाफ तत्काल प्रभाव से निलंबन की कार्रवाई की जाए और उस पर संगीन धाराओं में मामला दर्ज कर उसे सलाखों के पीछे भेजा जाए. एसपी को सौंपे गए वीडियो साक्ष्यों में सिपाही की गुंडागर्दी साफ तौर पर कैद हुई है जहां वह बारातियों को धमकाता हुआ नजर आ रहा है.

इस मामले ने पुलिस की अनुशासनहीनता की कलई खोलकर रख दी है क्योंकि क्राइम ब्रांच जैसे महत्वपूर्ण विभाग में तैनात सिपाही का इस तरह का आचरण पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की कार्यशैली पर भी सवाल खड़ा करता है. स्थानीय लोगों का कहना है कि सिपाही ने पद के दुरुपयोग की सारी सीमाएं लांघ दीं और एक पवित्र आयोजन को रणक्षेत्र बना दिया. फिलहाल पुलिस अधीक्षक ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दिए हैं और निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिया है.

Source : palpalindia

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