जबलपुर. उच्च शिक्षा के नए सत्र 2026-27 की शुरुआत के साथ ही स्नातक और स्नातकोत्तर कक्षाओं में प्रवेश प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो गई है। इसी क्रम में उच्च शिक्षा विभाग के अतिरिक्त संचालक डॉ. पंजाबराव चंदेलकर ने प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, शासकीय महाकोशल महाविद्यालय का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
उनके निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि प्रवेश प्रक्रिया सुचारू, पारदर्शी और छात्रहित में संचालित हो।
निरीक्षण के दौरान डॉ. चंदेलकर ने कॉलेज परिसर में बनाए गए प्रवेश सहायता केंद्र का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने वहां उपलब्ध कंप्यूटर सिस्टम, इंटरनेट कनेक्टिविटी और तैनात ऑपरेटरों की कार्यप्रणाली की जांच की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि तकनीकी व्यवस्थाओं में किसी प्रकार की कमी न रहने दी जाए ताकि विद्यार्थियों को ऑनलाइन प्रक्रिया में कोई बाधा न आए। महाविद्यालय प्रशासन द्वारा दस्तावेज सत्यापन के लिए एक विशेष समिति का गठन किया गया है, जो ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से छात्रों के दस्तावेजों की जांच कर रही है।
प्राचार्य डॉ. अलकेश चतुर्वेदी ने बताया कि प्रवेश प्रक्रिया को सरल और सुगम बनाने के लिए हर स्तर पर तैयारी की गई है। उन्होंने कहा कि छात्रों को किसी भी प्रकार की परेशानी से बचाने के लिए हेल्प डेस्क और काउंसलिंग टीम सक्रिय रूप से कार्य कर रही है। कॉलेज प्रशासन का प्रयास है कि प्रत्येक विद्यार्थी को सही मार्गदर्शन मिले और वह अपने भविष्य के अनुरूप विषय का चयन कर सके।
कॉलेज चलो अभियान के नोडल अधिकारी प्रोफेसर अरुण शुक्ल ने जानकारी दी कि नए प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों के लिए विशेष काउंसलिंग सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। इन सत्रों के माध्यम से विद्यार्थियों को विषय चयन, करियर विकल्प और उच्च शिक्षा के अवसरों के बारे में विस्तृत जानकारी दी जा रही है। यह पूरी प्रक्रिया पूरी तरह नि:शुल्क रखी गई है ताकि आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को भी किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।
काउंसलिंग सुविधा प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक उपलब्ध रहेगी। इसके अलावा छात्र मोबाइल और ईमेल के माध्यम से भी अपनी जिज्ञासाएं साझा कर सकते हैं। ऑफलाइन मार्गदर्शन के लिए विद्यार्थी कार्यदिवस में संभागीय कार्यालय, स्वामी विवेकानंद करियर मार्गदर्शन योजना में उपस्थित होकर विशेषज्ञों से सलाह ले सकते हैं। यह कार्यालय महाविद्यालय परिसर में ही संचालित हो रहा है, जिससे छात्रों को एक ही स्थान पर सभी सुविधाएं मिल सकें।
निरीक्षण के दौरान डॉ. शैलेंद्र भवदिया, डॉ. अजय गुप्ता, प्रवेश समन्वयक डॉ. रामेश्वर झारिया और डॉ. नीलिमा सहित अन्य स्टाफ सदस्य भी मौजूद रहे। सभी अधिकारियों ने मिलकर यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि प्रवेश प्रक्रिया व्यवस्थित ढंग से संचालित हो और छात्रों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।
Source : palpalindia
