पुणे. महाराष्ट्र के पुणे जिले में तीन साल की मासूम बच्ची के साथ हुई दरिंदगी और हत्या की घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस जघन्य अपराध के सामने आने के बाद जहां समाज में गुस्सा उबाल पर है, वहीं आरोपी के अपने परिवार ने भी उससे किनारा कर लिया है और उसके लिए सबसे कड़ी सजा की मांग की है।
1 मई को हुई इस घटना के बाद से लगातार नए खुलासे हो रहे हैं, जो इस अपराध की भयावहता को और बढ़ा रहे हैं।
पुलिस के अनुसार 65 वर्षीय आरोपी ने मासूम बच्ची को खाने का लालच देकर अपने साथ ले गया और एक सुनसान जगह पर उसके साथ दुष्कर्म किया, जिसके बाद उसकी हत्या कर दी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया है कि वारदात के दौरान बच्ची के मुंह में कपड़ा या मोजे ठूंस दिए गए थे, जिससे उसकी सांस रुकने के कारण मौत हो गई। रिपोर्ट में बच्ची के शरीर पर चोट के निशान भी मिले हैं, जो इस बात की पुष्टि करते हैं कि उसके साथ अत्यंत क्रूरता की गई।
इस घटना के बाद आरोपी के परिवार ने सार्वजनिक रूप से उसे त्यागने का ऐलान कर दिया है। आरोपी की पत्नी और बेटे ने साफ कहा है कि उनका उससे पिछले कई वर्षों से कोई संबंध नहीं है और ऐसे व्यक्ति को जीने का कोई अधिकार नहीं होना चाहिए। परिवार ने यहां तक कहा कि आरोपी को वही सजा मिलनी चाहिए जो उसने मासूम के साथ की, और उसकी मौत के बाद उसका शव भी परिवार को नहीं सौंपा जाना चाहिए। परिवार के इन बयानों ने इस मामले को और अधिक संवेदनशील बना दिया है।
आरोपी की पत्नी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वह पिछले दस वर्षों से उससे अलग रह रही हैं और उसके इस अमानवीय कृत्य के बाद वह उसे अपना पति मानने से भी इनकार करती हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे अपराधी को सिर्फ फांसी देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसे और भी कठोर सजा मिलनी चाहिए ताकि समाज में एक कड़ा संदेश जाए। आरोपी के बेटे ने भी गहरी नाराजगी जताते हुए कहा कि उसे अपने पिता कहने में शर्म आती है और वह चाहता है कि उसे उसी तरह सजा दी जाए, जैसे उसने उस मासूम के साथ किया।
घटना के बाद पूरे इलाके में भारी आक्रोश है और लोगों ने सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किए हैं। महिला संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी आरोपी के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग की है। राज्य सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच दल का गठन किया है, जो इस पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच कर रहा है।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस मामले को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि सरकार आरोपी के खिलाफ मृत्युदंड की सजा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास करेगी। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराई जाएगी, ताकि पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द न्याय मिल सके।
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी का आपराधिक इतिहास रहा है और वह पहले भी छेड़छाड़ के मामलों में आरोपित रह चुका है, हालांकि उन मामलों में वह बरी हो गया था। इस तथ्य ने भी कानून व्यवस्था और निगरानी प्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं।
वहीं पीड़िता के पिता ने भावुक अपील करते हुए कहा है कि जब तक उनकी बेटी को न्याय नहीं मिल जाता, तब तक कोई भी राजनीतिक व्यक्ति उनके घर न आए। उन्होंने कहा कि वह इस समय अपनी बेटी की अस्थियों के विसर्जन के लिए गए हुए हैं और परिवार इस गहरे दुख से गुजर रहा है। उन्होंने समाज और प्रशासन से सिर्फ एक ही मांग की है कि आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए, ताकि भविष्य में कोई भी ऐसा अपराध करने से पहले सौ बार सोचे।
इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर समाज में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर बहस छेड़ दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में सिर्फ सजा ही नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता और कड़ी निगरानी भी बेहद जरूरी है। फिलहाल पूरे देश की नजर इस मामले पर टिकी है और सभी को इंतजार है कि न्याय प्रक्रिया कितनी तेजी से आगे बढ़ती है और पीड़ित परिवार को कब इंसाफ मिलता है।
Source : palpalindia
