जबलपुर। रीवा में सड़क हादसे के दौरान दो जैन साध्वियों को तेज रफ्तार वाहन से कुचलने की घटना के बाद प्रदेशभर में जैन समाज में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। जबलपुर और नरसिंहपुर में जैन समाज के लोगों ने प्रदर्शन करते हुए मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और जैन संतों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग उठाई है।
समाज के लोगों का कहना है कि यह केवल दुर्घटना नहीं बल्कि गंभीर लापरवाही और संवेदनहीनता का मामला है।
जानकारी के अनुसार आचार्य विद्यासागर महाराज की दीक्षित शिष्याएं 105 आर्यिका श्रुतमती माताजी एवं 106 आर्यिका उपशांतमती माताजी ग्रीष्मकालीन वाचना और धार्मिक शिक्षण के लिए प्रवास पर थीं। इसी दौरान 20 मई की सुबह करीब छह बजे रीवा में पदविहार के दौरान एक तेज रफ्तार कार ने उन्हें टक्कर मार दी। हादसे के बाद चालक वाहन सहित मौके से फरार हो गया। घटना में दोनों साध्वियों की मौत हो गई।
इस दर्दनाक घटना के बाद जबलपुर में मध्य प्रदेश दिगंबर जैन परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष सुमन कुमार जैन के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा। वहीं नरसिंहपुर में दिगंबर जैन महासभा ने जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को मुख्यमंत्री मोहन यादव के नाम ज्ञापन देकर दोषियों की जल्द गिरफ्तारी और कठोर सजा की मांग की।
जैन समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि जिस प्रकार टक्कर मारने के बाद चालक मौके से भागा, उससे यह महज दुर्घटना नहीं बल्कि जानबूझकर किया गया कृत्य प्रतीत होता है। समाज ने पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग उठाई है। प्रतिनिधियों का कहना है कि जैन संत और साध्वियां पूर्णतः अपरिग्रही जीवन जीते हैं और पदविहार करते हुए धार्मिक यात्रा करते हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना शासन और प्रशासन की जिम्मेदारी है।
जबलपुर में एसपी संपत उपाध्याय ने जैन समाज के प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि साधु-साध्वियों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे और रीवा पुलिस प्रशासन से संपर्क कर आरोपितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। प्रतिनिधिमंडल में डॉ. संदीप जैन, डॉ. चंद्रेश जैन, राजकुमार जैन, अभिषेक जैन विक्की, प्रवीण जैन, विकास चौधरी, सचिन जैन, श्रेयस जैन, सुनील सेठिया, सौरभ जैन सोरु और एडवोकेट दर्शित जैन सहित कई समाजजन मौजूद रहे।
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि सुबह और शाम के समय पदविहार के दौरान सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए पूरे प्रदेश में पदविहार कर रहे जैन संतों और साध्वियों की सुरक्षा के लिए विशेष पुलिस व्यवस्था की जानी चाहिए। समाज का कहना है कि संत समाज किसी एक समुदाय की नहीं बल्कि पूरे राष्ट्र की नैतिक चेतना का प्रतीक है और उनकी सुरक्षा करना सभी की जिम्मेदारी है। घटना के बाद प्रदेश के कई जिलों में जैन समाज के लोगों में रोष और शोक का माहौल बना हुआ है।
Source : palpalindiaएडीआरएम दिनेश कुमार कलामे बने जबलपुर रेल मंडल के मुख्य जिला आयुक्त स्काउट
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