बिलासपुर. नए शिक्षा सत्र की शुरुआत के साथ बिलासपुर यातायात पुलिस ने स्कूल बसों की सुरक्षा को लेकर सख्त रुख अपनाया है. वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) रजनेश सिंह के निर्देश पर जिले के सभी स्कूलों, स्कूल बस संचालकों और अभिभावकों के लिए विशेष सुरक्षा एडवाइजरी जारी की गई है.
इसमें बच्चों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए सभी सुरक्षा मानकों का अनिवार्य रूप से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं.
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) रामगोपाल करियारे ने बताया कि जिले में 400 से अधिक स्कूल वाहन संचालित हैं. इन सभी वाहनों में सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित 18 सूत्रीय सुरक्षा दिशा-निर्देशों का पालन अनिवार्य होगा. नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों और वाहन संचालकों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी.
एडवाइजरी के अनुसार प्रत्येक स्कूल बस का रंग पीला होना चाहिए तथा बस के आगे और पीछे स्पष्ट रूप से "School Bus" लिखा होना अनिवार्य है. बस पर स्कूल का नाम और संपर्क नंबर भी अंकित होना चाहिए. इसके अलावा मजबूत लॉकिंग सिस्टम, खिड़कियों पर ग्रिल, फर्स्ट एड बॉक्स, अग्निशमन यंत्र, स्पीड गवर्नर, जीपीएस, सीसीटीवी कैमरे, पैनिक बटन और आपातकालीन निकास जैसी सभी सुरक्षा सुविधाएं कार्यशील स्थिति में होना जरूरी है.
यातायात पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि स्कूल बस चालक के पास भारी वाहन चलाने का कम से कम पांच वर्ष का अनुभव होना चाहिए. चालक और परिचालक का पुलिस सत्यापन, स्वच्छ यातायात रिकॉर्ड और नियमित स्वास्थ्य परीक्षण भी अनिवार्य रहेगा. प्रत्येक बस में प्रशिक्षित परिचालक या महिला सहयोगी की नियुक्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं.
पुलिस ने स्कूल प्रबंधन को निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चों को बस में नहीं बैठाने, वाहनों की फिटनेस, बीमा, प्रदूषण प्रमाणपत्र एवं अन्य आवश्यक दस्तावेज समय-समय पर अपडेट रखने के निर्देश दिए हैं. वहीं अभिभावकों से अपील की गई है कि वे नाबालिग बच्चों को वाहन चलाने की अनुमति न दें और यदि किसी स्कूल बस चालक द्वारा तेज गति या लापरवाही बरती जाती है तो इसकी शिकायत तत्काल स्कूल प्रबंधन या संबंधित अधिकारियों से करें.
यातायात पुलिस का कहना है कि स्कूल, वाहन संचालक, अभिभावक और नागरिकों के संयुक्त प्रयास से ही बच्चों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित की जा सकती है.
Source : palpalindia
