नई दिल्ली/मुंबई. मशहूर रैपर Badshah एक बार फिर विवादों में घिरने के बाद चर्चा में हैं. उनके गाने "Tateeree" को लेकर उठे विवाद के बीच उन्होंने राष्ट्रीय महिला आयोग के सामने पेश होकर माफी मांग ली है.
साथ ही उन्होंने महिलाओं के उत्थान के लिए 50 लड़कियों की शिक्षा का खर्च उठाने का बड़ा ऐलान किया है.
मंगलवार को आयोग के समक्ष पेश हुए बादशाह से करीब एक घंटे तक पूछताछ की गई. इस दौरान उनके वकील अक्षय दहिया ने आयोग को आश्वस्त किया कि कलाकार भविष्य में महिलाओं के सम्मान से जुड़ी संवेदनशीलता का ध्यान रखेंगे. उन्होंने बताया कि बादशाह ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की कम से कम 50 लड़कियों की पढ़ाई का जिम्मा लेने का वादा किया है और महिलाओं के कल्याण से जुड़े कार्यक्रमों में भी सहयोग करेंगे.
बताया जा रहा है कि इस पूरे मामले में बादशाह ने आयोग के सामने अपनी गलती स्वीकार करते हुए कहा कि उनका किसी भी महिला या समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का कोई इरादा नहीं था. उन्होंने स्पष्ट किया कि विवादित गाना केवल एक रचनात्मक अभिव्यक्ति के रूप में बनाया गया था, लेकिन यदि इससे किसी को ठेस पहुंची है तो वह इसके लिए खेद व्यक्त करते हैं.
इस दौरान रैपर ने यह भी भरोसा दिलाया कि वह आने वाले चार महीनों के भीतर महिलाओं को समर्पित एक सकारात्मक संदेश देने वाला नया गीत रिलीज करेंगे. उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में इस तरह की किसी भी विवादित गतिविधि से खुद को दूर रखेंगे और अपनी कला के माध्यम से समाज में सकारात्मक संदेश देने का प्रयास करेंगे.
"Tateeree" गाने को लेकर विवाद तब शुरू हुआ जब इसके कुछ बोल सोशल मीडिया पर वायरल हुए. खासतौर पर एक लाइन को लेकर लोगों ने कड़ी आपत्ति जताई और इसे महिलाओं के प्रति अपमानजनक बताया. इसके बाद मामला तेजी से बढ़ा और सोशल मीडिया पर विरोध शुरू हो गया. बढ़ते दबाव के बीच राष्ट्रीय महिला आयोग ने स्वतः संज्ञान लेते हुए इस मामले में कार्रवाई शुरू की.
विवाद बढ़ने के बाद बादशाह ने एक वीडियो जारी कर सार्वजनिक रूप से माफी मांगी थी. उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा था कि उन्हें हरियाणा का बेटा समझकर माफ कर दिया जाए. साथ ही उन्होंने यह भी पुष्टि की कि विवादित गाने को सभी प्लेटफॉर्म्स से हटा दिया जाएगा. बाद में गाना और उससे जुड़े वीडियो को हटा भी लिया गया.
सूत्रों के अनुसार, इस मामले में हरियाणा पुलिस ने भी सक्रिय भूमिका निभाई और सोशल मीडिया से गाने से जुड़े सैकड़ों लिंक हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई. इससे साफ है कि इस विवाद ने न केवल मनोरंजन जगत बल्कि प्रशासनिक स्तर पर भी गंभीरता से ध्यान खींचा.
विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला मनोरंजन उद्योग में कंटेंट की जिम्मेदारी को लेकर एक बड़ा उदाहरण बन सकता है. डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर बढ़ती पहुंच के बीच कलाकारों के लिए यह जरूरी हो गया है कि वे अपनी अभिव्यक्ति में सामाजिक संवेदनशीलता का ध्यान रखें.
वहीं, महिला अधिकार संगठनों ने बादशाह के इस कदम को एक सकारात्मक पहल बताया है, लेकिन साथ ही यह भी कहा है कि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोहराई नहीं जानी चाहिए. उनका मानना है कि माफी के साथ-साथ ठोस सामाजिक योगदान ही इस तरह की गलतियों की भरपाई कर सकता है.
फिलहाल, बादशाह के इस माफीनामे और सामाजिक पहल के बाद मामला शांत होता नजर आ रहा है, लेकिन यह विवाद लंबे समय तक एक उदाहरण के तौर पर याद किया जाएगा कि कैसे एक गाने के बोल राष्ट्रीय स्तर पर बहस का मुद्दा बन सकते हैं.
Source : palpalindiaमहाराष्ट्र : तेज रफ्तार कार नहर में समाई, मुंबई के 3 लोगों की दर्दनाक मौत
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