लखनऊ. उत्तर प्रदेश में इन दिनों भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है, लेकिन बुधवार को अचानक मौसम ने करवट ली. तेज हवाओं के साथ हुई बारिश और आंधी ने कई जिलों में भारी तबाही मचा दी. दीवारें ढहने, पेड़ गिरने और अन्य हादसों में 18 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल भी हुए हैं.
सबसे अधिक प्रभावित जिलों में सुल्तानपुर शामिल है, जहां 7 लोगों की जान चली गई. अमेठी और अयोध्या में 3-3 लोगों की मौत हुई. इसके अलावा पूर्वांचल के विभिन्न जिलों में 5 मौतें दर्ज की गईं. कई जगहों पर कच्ची दीवारें और मकान ढह गए, पेड़ उखड़ गए और बिजली के खंभे गिरने से इलाकों में अंधेरा छा गया.
सुल्तानपुर में तेज हवाओं की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच गई, जिससे पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर टोल प्लाजा की छत उड़ गई. अयोध्या में भी धूलभरी आंधी के साथ बारिश हुई, जहां पेड़ गिरने से एक वृद्धा समेत कई लोगों की मौत हो गई. अमेठी और अन्य इलाकों में भी इसी तरह के हादसे सामने आए. कुछ जिलों में ओले भी गिरे, जिससे फसलों को नुकसान पहुंचा. प्रशासन ने तुरंत राहत कार्य शुरू कर दिए हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर पीडि़त परिवारों को मदद पहुंचाने के लिए अधिकारियों को सक्रिय किया गया है. घायलों का इलाज अस्पतालों में चल रहा है और मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए गए हैं.
आर्ईएमडी ने जारी किया है अलर्ट
मौसम विभाग ने कई जिलों में आंधी-बारिश और गरज-चमक के साथ छींटे पडऩे का अलर्ट जारी किया था. लखनऊ समेत 10 जिलों में ओले गिरने की खबरें आई हैं. इस मौसम परिवर्तन से भीषण गर्मी में कुछ राहत मिली है, लेकिन जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. बिजली आपूर्ति बाधित होने और पेड़ उखडऩे से यातायात भी प्रभावित हुआ. प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की गई है कि वे सुरक्षित स्थानों पर रहें, खासकर कच्चे मकानों और पेड़ों के नीचे न जाएं. आगे भी कुछ दिनों तक ऐसे मौसम की संभावना जताई जा रही है.

