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मालदीव ने कहा- सताए अल्पसंख्यकों के लिए भारत महफूज, नागरिकता कानून उनका आंतरिक मसला

नई दिल्ली। मालदीव की संसद के स्‍पीकर (Speaker of Maldives Parliament) मोहम्‍मद नशीद (Mohamed Nasheed) ने नागरिकता (संशोधन) अधिनियम 2019 (Citizenship Amendment Act 2019) पर कहा है कि यह भारत का आंतरिक मसला है। नशीद ने शुक्रवार को कहा कि भारत दूसरे देशों के सताए हुए अल्पसंख्यकों के लिए सबसे सुरक्षित स्थान है।

नशीद ने कहा, 'धार्मिक आधार पर उत्पीड़न गलत है और भारत ने हमेशा उन्हें शरण दी है, जिनके साथ जुल्म हुए हैं। जब मुझे गिरफ्तार करने की कोशिश की गई, तो भारत सरकार ने मेरी मदद की। वे मुझे भारत भी ले जाना चाहते थे। धर्मनिरपेक्षता और अल्पसंख्यकों का सम्मान भारत के आधारभूत विचारों में शामिल है।

'भारतीय लोकतंत्र पर मुझे पूरा भरोसा'

मालदीव की संसद के मौजूदा स्पीकर मोहम्मद नशीद ने आगे कहा, 'भारतीय लोकतंत्र पर मुझे पूरा भरोसा है। वहां जो कुछ भी हो रहा है, ज्यादातर लोगों को वही चाहिए होगा। यह भारत का आंतरिक मुद्दा है।

'जाकिर नाइक जैसे नफरत फैलाने वाले को मालदीव नहीं आने दिया'

नशीद ने बताया कि भारत से भागे हुए इस्लामिक उपदेशक जाकिर नाइक ने कुछ समय पहले मालदीव आने की कोशिश की थी। लेकिन हमने उसे देश में आने नहीं दिया। हमें उन लोगों से कोई दिक्कत नहीं, अच्छी तरह से इस्लाम का पालन करना चाहते हैं, लेकिन अगर कोई नफरत फैलाना चाहता है, तो हम उसे ऐसा नहीं करने देंगे।'

Dailyhunt
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