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मोदी सरकार को मिली स्विस बैंक के खाताधारकों की लिस्ट, बेनकाब होंगे काले धन के कुबेर

नई दिल्ली। विदेशी धरती से काले धन की जानकारी मिलने के मामले में मोदी सरकार को बड़ी कामयाबी मिली है। स्विट्जरलैंड की सरकार ने स्विस बैंक में भारतीय के जमा धन से जुड़ी पहली जानकारी भारत सरकार को सौंप दी है।

स्विस बैंक ने 75 देशों के 3.1 मिलियन यानी 31 लाख खातों की जानकारी दी है। बताया जा रहा है कि अगले साल यानी सितंबर 2020 तक स्विस बैंक से भारत को और भी खातों की जानकारी मिलेगी। काले धन के खिलाफ लड़ाई में ये कदम बेहद कारगर माना जा सकता है।

भारत उन 75 देशों की सूची में शामिल है, जिसके साथ स्विट्जरलैंड के फेडरल टैक्स एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने एईओआई पर ग्लोबल स्टैंडर्ड्स फ्रेमवर्क के तहत फाइनैंशल अकाउंट्स पर सूचनाओं का आदान-प्रदान किया है। स्विस बैंक में धन जमा करने वाले देशों की सूची में भारत दुनियाभर में 74वें पायदान पर है, जबकि ब्रिटेन ने इस सूची में अपना पहला स्थान बरकरार रखा है। स्विट्जरलैंड स्थित बैंक द्वारा जारी आंकड़ों से यह जानकारी मिली है। पिछले साल भारत 15 पायदान की छलांग के साथ सूची में 73वें स्थान पर था।

सरकारी एजेंसियां अब इस मामले में जांच शुरू करेंगी, जिसमें खाताधारकों के नाम, उनके खाते की जानकारी को इकट्ठा कर कानून के हिसाब से कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि केंद्र की मोदी सरकार के लिए हमेशा से काला धन बड़ा मुद्दा रहा है। 2014 और 2019 दोनों के ही चुनाव में काले धन पर फोकस रखा गया।

बता दें कि इससे पहले जून 2019 में स्विस नेश्नल बैंत की ओर से जारी रिपोर्ट में देखा गया था कि स्विस बैंकों में भारतीयों के खातों में जमा राशि में गिरावट आई है। वहीं 2018 के आंकड़ों के अनुसार स्विस बैंक में अब भारतीयों का केवल 6757 करोड़ रुपया ही जमा है।

स्विस बैंक में भारतीयों का कितना पैसा?

इससे पहले जून 2019 में स्विस नेशनल बैंक की ओर से जारी रिपोर्ट में बताया गया था कि स्विस बैंकों में भारतीयों के द्वारा जमा राशि में गिरावट आई है। 2018 के आंकड़ों के अनुसार, भारतीयों का अब 6757 करोड़ रुपये ही स्विस बैंकों में जमा है। हालांकि, इसमें से कितना काला धन है और कितना नहीं, इसकी जानकारी स्विस बैंकों की ओर से नहीं दी गई थी।

पिछली रिपोर्ट में भी ये सामने आया था कि स्विट्जरलैंड द्वारा भारत को सौंपी गई जानकारी में इतनी तो सूचना है कि वहां बैंकों में पैसा रखने वालों के खिलाफ मजबूत केस तैयार किया जा सके। स्विट्जरलैंड की सरकार की तरफ से हर उस खाते में लेन-देन का पूरा विवरण दिया गया था, जो कि 2018 में एक भी दिन सक्रिय रहे हों।

Dailyhunt
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