आखिरकार चुप्पी तोड़ते हुए राघव चड्ढा ने उन तमाम आरोपों पर खुलकर जवाब दे दिया, जो पिछले कुछ दिनों से उन पर लगातार लगाए जा रहे थे। और जवाब भी ऐसा—सीधा, सख्त और थोड़ा फिल्मी अंदाज़ वाला—'घायल हूं, इसलिए घातक हूं।'
शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (Twitter) पर जारी एक वीडियो में उन्होंने साफ कहा कि उनके खिलाफ एक 'स्क्रिप्टेड कैम्पेन' चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पहले उन्होंने इन आरोपों को नजरअंदाज करने का फैसला किया था, लेकिन बार-बार एक ही झूठ दोहराए जाने से लोगों के भ्रमित होने का खतरा था, इसलिए सामने आना जरूरी हो गया।
राघव चड्ढा ने आरोप लगाया कि पार्टी के कई नेता एक जैसी भाषा और आरोपों के साथ उन्हें निशाना बना रहे हैं, जो महज संयोग नहीं हो सकता। इसके बाद उन्होंने एक-एक आरोप का जवाब देते हुए अपनी बात रखी।
पहले आरोप—विपक्ष का साथ न देने—पर उन्होंने इसे 'सफेद झूठ' बताया। उनका कहना है कि संसद में हर गतिविधि रिकॉर्ड होती है और कोई भी फुटेज देखकर सच जान सकता है कि उन्होंने कब और कैसे विपक्ष का साथ दिया। दूसरे आरोप में कहा गया कि उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने के प्रस्ताव पर साइन नहीं किया। इस पर भी उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि उन्हें इस मोशन पर साइन करने के लिए कभी कहा ही नहीं गया, और खुद पार्टी के कई नेताओं ने भी उस पर हस्ताक्षर नहीं किए थे।
तीसरे आरोप—'राघव डर गए हैं'—पर उनका जवाब सबसे ज्यादा तीखा रहा। उन्होंने कहा कि वह संसद में शोर मचाने के लिए नहीं, बल्कि जनता के असली मुद्दे उठाने के लिए आए हैं। बेरोजगारी, महंगाई और टैक्सपेयर्स के मुद्दों को उठाना ही उनका काम है, और वही वह करते रहेंगे।
वीडियो के अंत में उनका संदेश साफ था—अभी तो यह शुरुआत है, समय आने पर हर आरोप का जवाब दिया जाएगा। राजनीतिक गलियारों में इस बयान के बाद हलचल तेज हो गई है, और अब नजर इस बात पर है कि इस वार-पलटवार का अगला कदम क्या होगा।

