नासिक। महाराष्ट्र में खुद को ज्योतिष और अध्यात्मिक गुरु बताने वाले अशोक खरात, जिन्हें 'कैप्टन' (Captain Ashok Kharat) के नाम से जाना जाता है। नासिक पुलिस (Nashik Police) ने महिलाओं के यौन शोषण और ब्लैकमेलिंग के गंभीर आरोपों में अशोक खरात (Ashok Kharat)को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस ने आरोपी के पास से 58 आपत्तिजनक वीडियो (58 Objectionable Videos) जब्त किए हैं। भारतीय नौसेना से सेवानिवृत्त इस अधिकारी पर आरोप है कि महिलाओं को नशीला पदार्थ खिलाकर उनके आपत्तिजनक वीडियो (Objectionable Videos) बनाता था और फिर उन्हें सार्वजनिक करने की धमकी देकर ब्लैकमेल करता था।
हाई-प्रोफाइल क्लाइंट्स और रसूख का इस्तेमाल
बता दें कि अशोक खरात ने ज्योतिष और अंकशास्त्र (Numerology) में अपनी कथित विशेषज्ञता के दम पर समाज के रसूखदार तबकों में अपनी पैठ बनाई थी। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि उसके क्लाइंट्स में बड़े उद्योगपति, मशहूर हस्तियां और नेता शामिल थे। खरात के खिलाफ बलात्कार और ब्लैकमेलिंग की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। जांचकर्ताओं का कहना है कि आरोपी ने अपनी 'गुरु' वाली छवि का इस्तेमाल महिलाओं का विश्वास जीतने और फिर उनका शोषण करने के लिए किया।
महाराष्ट्र की राजनीति में मचा हड़कंप
इस गिरफ्तारी के बाद महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारों में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। सोशल मीडिया पर अशोक खरात की उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रूपाली चाकणकर के साथ तस्वीरें और वीडियो वायरल हो रहे हैं। एक वीडियो में रूपाली चाकणकर को खरात के पैर धोते और उन्हें अपना 'गुरु' बताते हुए देखा जा सकता है। खरात 'शिवनिका' ट्रस्ट के अध्यक्ष हैं, जिसमें चाकणकर भी सदस्य रही हैं।
आपत्तिजनक वीडियो
रूपाली चाकणकर ने दी सफाई और विपक्ष इसे 'महाराष्ट्र की एपस्टीन फाइल' दिया करार
विवाद बढ़ने पर रूपाली चाकणकर ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्वीकार किया कि वह सामाजिक कार्यों के लिए शिवनिका ट्रस्ट से जुड़ी थीं, लेकिन उन्होंने खरात की आपराधिक गतिविधियों की किसी भी जानकारी से इनकार किया है। उन्होंने इस मामले में निष्पक्ष पुलिस जांच की मांग की है।
दूसरी ओर, विपक्ष ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरा है। शिवसेना (यूबीटी) नेता सुषमा अंधारे ने इसे 'महाराष्ट्र की एपस्टीन फाइल' (Maharashtra's Epstein Files) करार देते हुए रूपाली चाकणकर के इस्तीफे की मांग की है। अंधारे ने आरोप लगाया कि राजनीतिक संरक्षण के कारण ही खरात इतने लंबे समय तक ऐसी गतिविधियों को अंजाम दे पाया।
कौन है अशोक खरात उर्फ 'कैप्टन'?
पुलिस के अनुसार, खरात ने नौसेना से रिटायर होने के बाद खुद को एक आध्यात्मिक मार्गदर्शक और खगोल विज्ञान के जानकार के रूप में स्थापित किया था। उसने नासिक और अन्य बड़े शहरों में करोड़ों की संपत्ति और जमीनें बना रखी थीं। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी अपनी दोहरी पहचान (पूर्व सैन्य अधिकारी और गुरु) का फायदा उठाकर रसूखदार हलकों तक पहुंच बनाता था। फिलहाल पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या इस मामले में और भी महिलाएं शिकार हुई हैं?

