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सर्जियो गोर काट रहे थे बांग्लादेश के चक्कर, तभी रूस ने ली धमाकेदार एंट्री,  भारत का नाम लेकर किया सबसे बड़ा ऐलान

सर्जियो गोर काट रहे थे बांग्लादेश के चक्कर, तभी रूस ने ली धमाकेदार एंट्री, भारत का नाम लेकर किया सबसे बड़ा ऐलान

भारत के पड़ोस में एक ऐसी घटना हुई है जिसके बारे में जितनी चर्चा होनी चाहिए थी उतनी नहीं हुई। यह खबर इतनी बड़ी है कि भारत की किस्मत बदल सकती है। रूस ने पहली बार भारत के पड़ोस में ऐसा दांव खेला है जिसके बारे में जानकर सभी चौंक जाएंगे।

भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर भारत पर दबाव डालने के लिए आजकल बांग्लादेश के चक्कर काट रहे हैं। लेकिन इसी बीच रूस ने धमाकेदार एंट्री ली है। रूस ने अमेरिका और बांग्लादेश दोनों को एक साथ लपेट दिया है। दरअसल रूस ने बांग्लादेश से कहा है कि हमने तुम्हें जो लोन दिया था उसका भुगतान अब भारत की करेंसी यानी रुपए में करो। रुपए में पेमेंट लेने के लिए रूस ने बांग्लादेश को यहां तक कह दिया है कि वह ढाका में अपने बैंक की ब्रांच तक खोलने के लिए तैयार है। आपको बता दें कि रूस ने बांग्लादेश के रूपपुर में बिजली उत्पादन के लिए बांग्लादेश का पहला न्यूक्लियर पावर प्लांट बनाया था। इस न्यूक्लियर पावर प्लांट के लिए रूस ने बांग्लादेश को $1.38 अरब डॉलर का लोन दिया था।

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बांग्लादेश को 20 सालों के अंदर यह सारा पैसा रूस की कंपनी को लौटाना है। अब इसी पैसे को लेकर रूस ने बहुत बड़ा खेल कर दिया है। रूस ने बांग्लादेश से कहा है कि आप पेमेंट के लिए रुपए का इस्तेमाल कर सकते हैं। बांग्लादेश ने सोचा नहीं था कि रूस रुपए में पेमेंट मांगेगा। हालांकि रूस ने भारत से इस बारे में बात जरूर की होगी। आपको याद होगा कि जब रूस पर अमेरिकी सेंशंस चरम पर थे तब भारत ने रूस से जमकर तेल खरीदा था। उसी तेल की पेमेंट भारत ने रुपए में की थी। यानी भारत ने रूस को पेमेंट के लिए रुपए का एक नेटवर्क तैयार कर लिया था। अब रूस चाहता है कि बांग्लादेश भी इसी नेटवर्क का इस्तेमाल करें और पेमेंट रुपए में करें। आप जानते ही हैं कि कोई भी देश रूस को डॉलर में पेमेंट नहीं कर सकता क्योंकि अमेरिका ने रूस के लिए इंटरनेशनल पेमेंट गेटवे बंद कर रखा है। बांग्लादेश चाहकर भी रूस को डॉलर में पेमेंट नहीं कर सकता। आपके मन में सवाल होगा कि रूस चीनी करेंसी युवान में भी तो बांग्लादेश से पेमेंट मांग सकता था।

लेकिन यहां पर एक बहुत बड़ा खेल है। बांग्लादेश और चीन के बीच ज्यादातर बटरल व्यापार डॉलर में होता है। उसके बाद लोकल करेंसी आती है। लेकिन बांग्लादेश और भारत के बीच जो बटरल व्यापार होता है वो पहले लोकल करेंसी में होता है। उसके बाद डॉलर आता है। यानी बांग्लादेश और भारत के बीच रुपए वाला सिस्टम पहले से ही चल रहा था और अब रूस और भारत के बीच रुपए वाला सिस्टम शुरू हो गया है। यानी बांग्लादेश आराम से रुपए के जरिए रूस का लोन चुका सकता है। आप समझ रहे हैं कि यह कितनी बड़ी खबर है। यह सीधे-सीधे डॉलर को झटका है। अमेरिका में बवाल है कि रूस अभी तक भारत के साथ बटरल व्यापार में ही रुपए का इस्तेमाल कर रहा था। लेकिन अब रूस दूसरे देशों पर भी रुपए को इस्तेमाल करने का दबाव डाल रहा है। अमेरिका को डर है कि अगर ब्रिक्स देशों ने अपना व्यापार लोकल करेंसी में शुरू कर दिया तो यह डॉलर को सबसे बड़ी चोट होगी। दुनिया की 42% जीडीपी ब्रिक्स देश ही बनाते हैं। बहरहाल आप सोचिए कि बांग्लादेश अगर न्यूक्लियर पावर प्लांट के लिए मिला 11.38 अरब डॉलर का लोन अगर रुपए में चुकाता है तो यह कितनी बड़ी घटना होगी।

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