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विदेश मंत्रालय का Pakistan पर तीखा प्रहार, PoK Elections को बताया ढकोसला, Sheikh Hasina और China से संबंधों को लेकर भी कह दी बड़ी बात

विदेश मंत्रालय का Pakistan पर तीखा प्रहार, PoK Elections को बताया ढकोसला, Sheikh Hasina और China से संबंधों को लेकर भी कह दी बड़ी बात

भारतीय विदेश मंत्रालय ने आज आयोजित साप्ताहिक प्रेस वार्ता में पाकिस्तान प्रायोजित सीमा पार आतंकवाद, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) की स्थिति, भारत-अमेरिका व्यापार समझौते, भारत-चीन संबंध, बांग्लादेश, म्यांमार, ब्रिक्स और यूक्रेन में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सहित अनेक महत्वपूर्ण मुद्दों पर भारत का स्पष्ट और दृढ़ पक्ष रखा।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत आतंकवाद के खिलाफ अपनी नीति पर पूरी तरह अडिग है और पाकिस्तान को अपनी धरती पर सक्रिय आतंकी ढांचे को पूरी तरह ध्वस्त करना होगा।

प्रवक्ता ने कहा कि भारत सभी देशों से अपील करता है कि वे सीमा पार आतंकवाद और उसे बढ़ावा देने वाले तत्वों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करें। उन्होंने विशेष रूप से पाकिस्तान से कहा कि वह अपनी धरती से संचालित आतंकी नेटवर्क को समाप्त करे और सीमा पार आतंकवाद पर निर्णायक कार्रवाई करे।

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पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में कराए जा रहे तथाकथित दूसरे चरण के स्थानीय चुनावों को विदेश मंत्रालय ने पूरी तरह "ढकोसला" करार दिया। रणधीर जायसवाल ने कहा कि वास्तविकता यह है कि पीओके में जनता लगातार विरोध प्रदर्शन कर रही है और पाकिस्तानी सुरक्षा बलों द्वारा आम नागरिकों पर दमन जारी है। उन्होंने बताया कि जून 2026 से अब तक कार्रवाई के दौरान कम से कम 90 नागरिकों की जान जा चुकी है तथा अनेक लोग घायल हुए हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान जनता के असंतोष का जवाब गोलियों, इंटरनेट ब्लैकआउट, धमकी और दमन से दे रहा है तथा अब खोखले चुनावों के माध्यम से वैधता का दिखावा करने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को पाकिस्तान के इस दोहरे चरित्र और मानवाधिकारों पर उसके पाखंड को समझना चाहिए।

भारत-अमेरिका अंतरिम द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर पूछे गए प्रश्न के उत्तर में विदेश मंत्रालय ने कहा कि दोनों देशों ने इस दिशा में पर्याप्त प्रगति की है। कुछ मुद्दों पर अंतिम सहमति बननी बाकी है और दोनों पक्ष उन्हें शीघ्र अंतिम रूप देने के लिए मिलकर कार्य कर रहे हैं।

भारत-चीन संबंधों पर प्रभासाक्षी की ओर से पूछे गये सवाल के जवाब में प्रवक्ता ने कहा कि दोनों देशों के बीच वार्ता सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। कैलाश मानसरोवर यात्रा दोबारा शुरू हो चुकी है, नागरिक उड्डयन संपर्क भी बहाल किया गया है और कई अन्य पहलें की गई हैं। भारत का विश्वास है कि इन प्रयासों से द्विपक्षीय संबंध और मजबूत होंगे।

इसके अलावा, यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह से रवाना हो रहे जहाज एजीएन रैग्नर पर हुए हमले के संबंध में विदेश मंत्रालय ने बताया कि जहाज पर सवार चार भारतीय नागरिकों में से दो सुरक्षित हैं, जबकि दो अब भी लापता हैं। भारतीय दूतावास यूक्रेन और रोमानिया के स्थानीय अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में हैं तथा खोज एवं बचाव अभियान जारी है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि लापता भारतीयों का पता लगाने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है और उनके परिवारों को भी हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। भारत ने स्पष्ट किया कि समुद्री समुदाय की सुरक्षा और कल्याण उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के नई दिल्ली में आयोजित होने वाले एक कार्यक्रम को लेकर पूछे गए प्रश्न पर विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि यह कार्यक्रम एक निजी मीडिया संस्था द्वारा आयोजित किया जा रहा है और भारत सरकार का उससे कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार इस मंच पर व्यक्त किए जाने वाले किसी भी विचार का समर्थन नहीं करती।

बांग्लादेश के प्रधानमंत्री को भारत आने के निमंत्रण के विषय में विदेश मंत्रालय ने बताया कि फरवरी 2026 में पदभार संभालने के बाद उन्हें औपचारिक रूप से भारत आने का निमंत्रण दिया गया था। साथ ही, भारत ने बिम्सटेक (BIMSTEC) के वर्तमान अध्यक्ष के रूप में उन्हें नई दिल्ली में आयोजित होने वाले 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के आउटरीच सत्र में भी आमंत्रित किया है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि यह ब्रिक्स की स्थापित परंपरा के अनुरूप है और अन्य क्षेत्रीय संगठनों के प्रमुखों को भी इसी प्रकार आमंत्रित किया गया है।

भारत-म्यांमार सीमा से जुड़े लंबित क्षेत्रों पर प्रवक्ता ने कहा कि दोनों देशों के बीच कुछ सीमाई क्षेत्रों का निर्धारण अभी शेष है और इन पर वार्ता जारी है। वहीं पाकिस्तान द्वारा भारत-अफगानिस्तान संबंधों पर की गई टिप्पणियों को लेकर उन्होंने कहा कि ये बयान भारत-अफगानिस्तान संबंधों में सकारात्मक प्रगति से पाकिस्तान की असुरक्षा और निराशा को दर्शाते हैं।

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की तैयारियों पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि सभी आवश्यक तैयारियां जारी हैं और विभिन्न देशों को निमंत्रण भेजे जा चुके हैं। समय-समय पर इससे संबंधित जानकारी साझा की जाएगी।

सिंधु जल संधि पर पूछे गए प्रश्न के उत्तर में विदेश मंत्रालय ने दोहराया कि यह संधि फिलहाल स्थगित रहेगी और तब तक बहाल नहीं होगी, जब तक पाकिस्तान विश्वसनीय एवं अपरिवर्तनीय रूप से सीमा पार आतंकवाद को समर्थन देना पूरी तरह बंद नहीं कर देता।

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