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West Asia Crisis की आग: Leather Industry ने Import Duty में मांगी राहत, 60% तक बढ़े दाम

West Asia Crisis की आग: Leather Industry ने Import Duty में मांगी राहत, 60% तक बढ़े दाम

श्चिम एशिया संकट के कारण कच्चे माल की लागत में 40 से 60 प्रतिशत तक वृद्धि होने के बीच चमड़ा और जूता उद्योग ने कृत्रिम चमड़ा, धातु सहायक सामग्री, मशीनरी, धागे, सांचे और कुछ रसायनों जैसे महत्वपूर्ण कच्चे माल पर आयात शुल्क में छूट देने की मांग की है।

एक उद्योग अधिकारी ने यह जानकारी दी। उद्योग ने हाल ही में इस संबंध में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के समक्ष मामला उठाया है।

अधिकारी ने कहा कि निर्यातकों ने सरकार से प्रस्तावित 'फ्लोट' (फुटवियर एवं चमड़ा उन्मुख परिवर्तन) योजना को शीघ्र लागू करने का सुझाव दिया है, ताकि पूरे उत्पाद वर्ग, कच्चे माल, मशीनरी और अन्य आवश्यक सामग्रियों को इसमें शामिल किया जा सके। उन्होंने कहा कि घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए क्रस्ट और तैयार चमड़े के शुल्क-मुक्त आयात की भी मांग की गई है।

अधिकारी ने कहा, "पश्चिम एशिया संकट के कारण कच्चे माल और अन्य आवश्यक सामग्रियों की लागत में 40-60 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है। ऐसे में हमने सरकार से कृत्रिम चमड़ा , जूता घटक, धातु सहायक सामग्री, चमड़ा एवं जूता मशीनरी, धागे, सांचे, टो पफ, आईलेट, कुछ रसायन और पैकेजिंग सामग्री पर आयात शुल्क में छूट देने का अनुरोध किया है।"

उन्होंने कहा कि रबर से जुड़े कुछ रसायन, पीयू चमड़ा, चिपकाने वाले पदार्थ, प्लास्टिक और जूते के तलवे पेट्रोलियम उत्पादों से तैयार होते हैं। ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य बंद किए जाने से तेल और गैस के जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है, जिससे लागत पर असर पड़ा है। कुछ अन्य आवश्यक सामग्री चीन, कोरिया, इंडोनेशिया और जापान जैसे देशों से आयात की जाती है। इस क्षेत्र में देश का आयात सालाना आधार पर 4.49 प्रतिशत घटकर 93.8 करोड़ डॉलर रह गया।

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