Dailyhunt Logo
  • Light mode
    Follow system
    Dark mode
    • Play Story
    • App Story
यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में भारत के सारनाथ समेत 25 नए स्थल शामिल

यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में भारत के सारनाथ समेत 25 नए स्थल शामिल

यी दिल्ली, 30 जुलाई भारत के प्राचीन बौद्ध स्थल सारनाथ, ईरान के आलमूत महल और संबंधित किला तथा जॉर्डन के अकाबा समुद्री संरक्षित क्षेत्र सहित 25 स्थलों को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया है।

इन 25 स्थलों को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल करने का फैसला दक्षिण कोरिया के बुसान में 19 से 29 जुलाई तक आयोजित विश्व धरोहर समिति के 48वें सत्र के दौरान लिया गया। उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित सारनाथ को 25 जुलाई को इस सूची में शामिल किया गया।

यूनेस्को ने एक बयान में कहा, ''यह सत्र तीन अफ्रीकी देशों कोमोरोस, साओ टोमे एवं प्रिंसिपे और दक्षिण सूडान के लिए भी ऐतिहासिक रहा, क्योंकि पहली बार इन देशों के किसी स्थल को विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया। इससे अधिक संतुलित और प्रतिनिधित्वपूर्ण सूची बनाने की संगठन की प्रतिबद्धता भी दिखाई देती है।'' बयान में कहा गया कि समिति ने छह स्थलों को संकटग्रस्त विश्व धरोहरों की सूची में भी शामिल किया। इसके अनुसार, इन स्थानों के असाधारण महत्व और इनके संरक्षण की जरूरत को ध्यान में रखते हुए ऐसा किया है।

सूची में शामिल किये गए नए स्थलों में जापान की पुरानी राजधानियां असुका और फुजिवारा, उज्बेकिस्तान का ताशकंद मॉडर्निस्ट आर्किटेक्चर, साओ टोमे और प्रिंसिपे के 'रोकास' (औपनिवेशिक कृषि प्रणाली और जबरन विस्थापन), और यूनान के माउंट ओलंपस का बड़ा हिस्सा है। यूनेस्को ने 28 जुलाई को जारी बयान में कहा कि इन 25 नयी प्रविष्टियों के साथ अब विश्व धरोहर सूची में शामिल स्थलों की संख्या 1,273 हो गई है जो 173 देशों में अवस्थित हैं। सूची में शामिल इन स्थलों को अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सर्वोच्च मान्यता और संरक्षण का लाभ मिलेगा।

समिति ने आपसी संवाद और सहमति के आधार पर विश्व धरोहर सूची में 25 नये स्थलों को शामिल किया। इनमें 19 सांस्कृतिक, पांच प्राकृतिक और एक मिश्रित स्थल है। इसके अलावा पहले से सूचीबद्ध दो स्थलों के दायरे का विस्तार करने को भी मंजूरी दी गई, जिनमें मेजबान देश दक्षिण कोरिया का गेटबोल, कोरियाई ज्वारीय मैदान (चरण 2) भी शामिल है।

विश्व धरोहर समिति ने ऑस्ट्रिया के वियना के ऐतिहासिक केंद्र को खतरे में पड़ी विश्व धरोहरों की सूची से हटाने का भी निर्णय लिया। विश्व धरोहर समिति का अगला सत्र वर्ष 2027 में तुर्किये के इस्तांबुल में आयोजित किया जाएगा।

Dailyhunt
Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Prabha Sakshi