खेरवाड़ा। सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के प्रभावी पालन के उद्देश्य से 15 अगस्त 2026 से नई व्यवस्था लागू की जाएगी। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार अब 23 प्रकार के गंभीर यातायात उल्लंघनों के मामलों में मौके पर जुर्माना वसूलने के बजाय चालान सीधे न्यायालय (कोर्ट) भेजे जाएंगे।
नई व्यवस्था के तहत प्रवर्तन अधिकारी मौके पर केवल चालान जारी करेंगे और संबंधित प्रकरण न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा। इसके बाद न्यायालय के आदेश के अनुसार ही जुर्माना जमा कराया जाएगा। इस व्यवस्था के लागू होने के साथ ही मौके पर कंपाउंडिंग (जुर्माना वसूली) की प्रक्रिया समाप्त हो जाएगी।
एयर और नॉइज़ पॉल्यूशन से जुड़े मामलों में भी नई व्यवस्था लागू रहेगी। पहली बार उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित वाहन चालक को चेतावनी दी जाएगी, जबकि दूसरी बार उसी प्रकार का उल्लंघन मिलने पर जुर्माना लगाया जाएगा।
नई व्यवस्था के तहत जिन मामलों में चालान सीधे न्यायालय भेजे जाएंगे, उनमें वाहन के आवश्यक दस्तावेज नहीं होना, वाहन में अवैध मॉडिफिकेशन करना, बिना रजिस्ट्रेशन वाहन चलाना, बिना फिटनेस प्रमाणपत्र वाहन चलाना, बिना परमिट वाहन का संचालन, परमिट की शर्तों का उल्लंघन, ओवरलोड वाहन चलाना, निर्धारित सीमा से अधिक सामान बाहर निकालकर ले जाना, क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाना, सीट बेल्ट का उपयोग नहीं करना, हेलमेट नहीं पहनना, प्रतिबंधित क्षेत्र में हॉर्न बजाना, मॉडिफाइड साइलेंसर का उपयोग, बिना बीमा वाहन चलाना तथा अन्य अधिसूचित यातायात उल्लंघन शामिल हैं।
यातायात विभाग ने वाहन चालकों से सभी आवश्यक दस्तावेज अपने साथ रखने और यातायात नियमों का पालन करने की अपील की है। विभाग का कहना है कि इस नई व्यवस्था का उद्देश्य सड़क सुरक्षा को और मजबूत करना, यातायात नियमों के पालन को बढ़ावा देना तथा गंभीर उल्लंघनों पर प्रभावी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करना है।

