Dailyhunt Logo
  • Light mode
    Follow system
    Dark mode
    • Play Story
    • App Story
18 वर्षों से सेवा दे रहे संविदा कर्मियों ने नियमितीकरण और समान वेतन की उठाई मांग

18 वर्षों से सेवा दे रहे संविदा कर्मियों ने नियमितीकरण और समान वेतन की उठाई मांग

Prathakal 1 week ago

स्वीर में खेरवाड़ा पंचायत समिति कार्यालय में संविदा कार्मिक संघ का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री के नाम विकास अधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए नजर आ रहा है।

तस्वीर में खेरवाड़ा पंचायत समिति कार्यालय में संविदा कार्मिक संघ का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री के नाम विकास अधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए नजर आ रहा है।

वीबी-जी-राम-जी (सीएसआर रूल्स-2022) संघ, राजस्थान के प्रतिनिधिमंडल ने 18 वर्षों से लगातार सेवाएं दे रहे संविदा कार्मिकों के नियमितीकरण, स्थायीकरण और समान कार्य के लिए समान वेतन लागू करने की मांग को लेकर खेरवाड़ा पंचायत समिति के विकास अधिकारी मंशा राम को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।

प्रदेश अध्यक्ष रोशन लाल शर्मा के निर्देशन में सौंपे गए ज्ञापन में संघ ने बताया कि वर्ष 2008 से नरेगा के तहत वीबी-जी-राम-जी संविदा कार्मिक लगातार अपनी सेवाएं दे रहे हैं। 18 वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी उन्हें वर्तमान में मात्र 12,200 रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जा रहा है, जो कई वर्षों से अपरिवर्तित है। संघ ने कहा कि इससे कार्मिकों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

ज्ञापन में प्रत्येक माह की 5 तारीख से पूर्व मानदेय भुगतान सुनिश्चित करने की मांग भी रखी गई। संघ ने संविदा सेवा नियम-2022, राजस्थान सरकार के आदेशों और सर्वोच्च न्यायालय के "समान कार्य के लिए समान वेतन" सिद्धांत का उल्लेख करते हुए कहा कि लंबे समय से सेवाएं दे रहे संविदा कार्मिकों का नियमितीकरण राज्य सरकार का दायित्व है।

संघ ने ज्ञापन में यह भी बताया कि विभाग की ओर से जारी एसओपी के बावजूद निर्धारित समय में कार्रवाई नहीं की गई है। संगठन ने मांग की कि 18 वर्ष की सेवा पूर्ण कर चुके कार्मिकों को ग्रेड-1 के अनुरूप 32,300 रुपये प्रतिमाह समान वेतन का लाभ तत्काल प्रभाव से दिया जाए। साथ ही सीएसआर नियम-2022 के प्रावधानों के अनुसार सेवा लाभ और अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएं।

प्रतिनिधिमंडल ने पिछले पांच माह से बकाया वेतन का शीघ्र भुगतान करने की मांग भी रखी। संघ ने चेतावनी दी कि यदि जल्द निर्णय लेकर नियमितीकरण और समान वेतन लागू नहीं किया गया तो आगामी मानसून सत्र के दौरान संगठन चरणबद्ध आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी।

ज्ञापन सौंपने के दौरान संविदा कार्मिकों ने अपनी मांगों को लेकर प्रशासन के समक्ष पक्ष रखा और नियमितीकरण सहित लंबित मुद्दों के शीघ्र समाधान की मांग की।

Dailyhunt
Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Prathakal