
अभिनेत्री महिमा मकवाना ने खुलासा किया है कि लोकप्रिय 75 Hard Challenge के दौरान उन्हें स्लिप डिस्क की समस्या हो गई, जिसके बाद उन्हें अपना काम रोककर पूरी तरह से रिकवरी पर ध्यान देना पड़ रहा है।
अभिनेत्री ने बताया कि फिलहाल उनकी प्राथमिकता केवल स्वस्थ होना है और इसी वजह से उनकी दिनचर्या, काम और बाकी सभी गतिविधियां फिलहाल थम गई हैं।
महिमा मकवाना जल्द ही Musafir Cafe में नजर आने वाली हैं। उन्होंने बताया कि वह करीब एक महीने से 75 Hard Challenge कर रही थीं, हालांकि उन्होंने इसे थोड़ा आसान तरीके से अपनाया था। इस फिटनेस कार्यक्रम में प्रतिभागियों को लगातार 75 दिनों तक पांच दैनिक नियमों का पालन करना होता है और यदि एक भी कार्य छूट जाए तो उन्हें फिर से Day 1 से शुरुआत करनी पड़ती है।
अभिनेत्री ने कहा, "पीछे मुड़कर देखने पर मुझे एहसास हुआ कि मैं इस चैलेंज को पूरा करने पर इतनी ज्यादा केंद्रित थी कि अपने शरीर की बात सुनना ही भूल गई। मैं अक्सर अजीब समय पर वर्कआउट करती थी और अपनी नींद से समझौता कर लेती थी। व्यस्त शेड्यूल के साथ इस रूटीन को निभाने की कोशिश ने आखिरकार मेरी सेहत पर असर डाला और मेरी लोअर बैक ने जवाब दे दिया।"
महिमा ने बताया कि स्लिप डिस्क का पता चलना उनके लिए पूरी तरह अप्रत्याशित था, क्योंकि वह हमेशा से शारीरिक रूप से सक्रिय रही हैं। उन्होंने कहा, "मुझे सच में इसकी बिल्कुल उम्मीद नहीं थी क्योंकि मैं हमेशा से फिजिकली एक्टिव रही हूं। मैंने रिकवरी को नजरअंदाज किया, जिसकी शुरुआत लगातार होने वाले पीठ दर्द से हुई और आखिरकार यह चोट में बदल गई। मैं हैरान भी थी और डर गई थी। उस समय मेरी एकमात्र प्राथमिकता ठीक होना बन गई।"
उन्होंने आगे कहा, "हालांकि मेरा मानना है कि हमारे लिए ब्रह्मांड की एक बड़ी योजना होती है। दर्द लगातार कम-ज्यादा होता रहता है और मुझे सलाह दी गई है कि दो सप्ताह तक ज्यादातर समय सीधा लेटे रहूं। पर्याप्त नींद, फिजियोथेरेपी और आराम के बीच रिकवरी में समय लगेगा। जिंदगी, दिनचर्या और काम, सब कुछ फिलहाल रुक गया है। मैं चाहे जितनी भी जल्दी इस प्रक्रिया को पूरा करना चाहूं, शरीर अपनी गति से ही ठीक होगा और मुझे उसका सम्मान करना होगा।"
इस पूरे अनुभव के मानसिक प्रभाव पर बात करते हुए महिमा मकवाना ने कहा, "यह मानसिक रूप से भी काफी असर डालता है क्योंकि आपको बेहतर होने पर ध्यान देने के लिए बाकी हर चीज को रोकना पड़ता है। इस दौर ने मुझे यह एहसास कराया है कि स्वास्थ्य हमेशा हमारी पहली प्राथमिकता होना चाहिए। यह जीवन को देखने का नजरिया बदल देता है।"
