
झालावाड़ जिले के अकलेरा कस्बे में सूदखोरी के एक संगठित नेटवर्क का पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी सुगनचन्द पुत्र जमनालाल मीणा (उम्र 44 वर्ष) निवासी खुरी हाल नई बस्ती अकलेरा को गिरफ्तार किया है।
आरोपी पर गरीब और असहाय लोगों को कर्ज के जाल में फंसाकर ब्याज पर ब्याज (डाण्डी ब्याज) वसूलने, धमकी देने और जबरन वसूली करने के गंभीर आरोप हैं।
जिला पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने बताया कि आरोपी लंबे समय से अवैध रूप से वित्तीय लेनदेन कर रहा था। वह लोगों को शुरुआत में कम राशि देकर विश्वास जीतता, फिर धीरे-धीरे उन्हें बड़े कर्ज में फंसा देता। इसके बाद ब्याज पर ब्याज जोड़कर साप्ताहिक, मासिक और दैनिक किश्तें तय करता और समय पर भुगतान नहीं होने पर दुगुनी पेनल्टी लगाकर वसूली करता था। आरोपी ने वसूली के लिए अपने साथ गिरोह के रूप में कई व्यक्तियों को लगा रखा था, जो पीड़ितों को मारपीट, घर पर कब्जा और हत्या की धमकी देकर दबाव बनाते थे।
दिनांक 28 अप्रैल 2026 को फरियादी घनश्याम पुत्र अमरलाल शर्मा निवासी आदर्श नगर अकलेरा ने थाना अकलेरा में शिकायत दर्ज कराई कि आरोपी ने उसे कर्ज के मकड़जाल में फंसाकर लगातार ब्याज पर ब्याज वसूला, धमकाया और आत्महत्या के लिए विवश किया। शिकायत में बताया गया कि आरोपी के गुर्गे शराब पीकर हत्या तक की धमकी देते थे और लगातार मोबाइल पर कॉल कर वसूली का दबाव बनाते थे। इस आधार पर थाना अकलेरा में प्रकरण संख्या 212/2026 बीएनएस की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नागेन्द्र मीणा और पुलिस उप अधीक्षक बृजेश कुमार जाट के सुपरविजन में थानाधिकारी धर्माराम के नेतृत्व में विशेष टीम गठित कर कार्रवाई की गई। टीम ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से उधारी राशि की रिकवरी से संबंधित छोटी डायरी, पर्चियां, रजिस्टर, स्टाम्प पेपर और विभिन्न बैंकों के हस्ताक्षरयुक्त 521 खाली चेक बरामद किए।
जांच में सामने आया कि आरोपी के पास से कुल 178 स्टाम्प पेपर, 38 हस्ताक्षरयुक्त खाली स्टाम्प पेपर, 14 रजिस्टर, 143 छोटी डायरी, 2916 पर्चियां और मकान, प्लॉट व जमीन से जुड़े 28 दस्तावेज बरामद हुए हैं। बरामद रिकॉर्ड के अनुसार वर्ष 2023 में आरोपी ने 1,46,67,000 रुपये, वर्ष 2024 में 1,83,88,837 रुपये और वर्ष 2025 में 2,58,44,400 रुपये का मुनाफा कमाने का हिसाब दर्ज किया हुआ मिला है।
पुलिस के अनुसार आरोपी आरबीआई के नियमों के विपरीत गैरकानूनी बैंकिंग गतिविधियां संचालित कर रहा था। वह पीड़ितों से खाली चेक, संपत्ति के कागजात और वाहन के मूल दस्तावेज गिरवी रखवा कर नए स्टाम्प तैयार कराता और बार-बार वसूली करता था। आरोपी हाट-बाजार में ठेला लगाने वाले मजदूरों को भी दैनिक ऋण देकर 15-20 प्रतिशत तक ब्याज वसूलता था।
सुगनचन्द मीणा का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है, जिसमें थाना अकलेरा में वर्ष 2008 में धारा 420 सहित अन्य धाराओं और वर्ष 2011 में धारा 307, 147, 148, 149, 452, 427 आदि के तहत मामले दर्ज हैं।
इस कार्रवाई में पुलिस टीम के सदस्य धर्माराम निरीक्षक, गोपाल सिंह, लालाराम, जसकरण, मुकेश कुमार, प्रेमचन्द, अखन, पवन कुमार, कैसाराम, दलीप कुमार, प्रधान और दयालचन्द शामिल रहे। पुलिस अब बरामद दस्तावेजों के आधार पर अन्य पीड़ितों और नेटवर्क से जुड़े लोगों की जांच कर रही है।
यह कार्रवाई अकलेरा क्षेत्र में वर्षों से चल रहे सूदखोरी के अवैध नेटवर्क पर बड़ा प्रहार मानी जा रही है, जिससे कई पीड़ितों को राहत मिलने की उम्मीद है।
