
नाशिक। स्वयं को मर्चेंट नेवी का रिटायर्ड 'कैप्टन' बताने वाले पाखंडी बाबा अशोक खरात के पापों का घड़ा अब पूर्णतः भर चुका है। पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद इस ढोंगी के काले कारनामों के एक के बाद एक चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं।
जांच में यह तथ्य सामने आया है कि जिस व्यक्ति ने समाज को अपनी झूठी उपलब्धियों से भ्रमित किया, वह वास्तव में एक साधारण मजूर था। खरात का आपराधिक इतिहास उसके नाबालिग होने के समय से ही दागदार रहा है। किशोरावस्था में ही उसने एक घृणित कृत्य को अंजाम दिया था, जिससे क्रोधित होकर उसके रिश्तेदारों ने उसकी जमकर पिटाई की और उसे घर तथा गांव से बाहर निकाल दिया था। परिवार की प्रतिष्ठा मिट्टी में मिलाने के बाद बदनामी के डर से वह गांव छोड़कर फरार हो गया था।
वर्षों तक जहाजों पर मजदूरी करने के दौरान खरात ने समाज में अपना दबदबा और प्रभाव स्थापित करने के लिए खुद को 'कैप्टन' की झूठी उपाधि से नवाजा। सूत्रों के अनुसार, मजदूरी के समय थाईलैंड में उसका संपर्क कुछ अंतरराष्ट्रीय अपराधियों से हुआ था। कठिन जीवन से मुक्ति पाकर रातों-रात अमीर बनने की हवस में उसने ज्योतिष विद्या का ढोंग रचा। अंकशास्त्र और ज्योतिष का मायाजाल बुनकर उसने समाज के प्रतिष्ठित नागरिकों, राजनेताओं और उद्यमियों को अपने जाल में फंसाना शुरू किया। वर्ष 2022 में तत्कालीन मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के सिन्नर दौरे के दौरान खरात के नाम की भारी चर्चा हुई, जिसका अनुचित लाभ उठाकर उसने करोड़ों की अवैध संपत्ति और जमीनों का अंबार लगा दिया।
खरात के कार्यालय में लगे सीसीटीवी फुटेज और बरामद साक्ष्यों ने उसकी दरिंदगी भरी मानसिकता का पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस के हाथ उसके कार्यालय से एक पेन ड्राइव लगी है, जिसमें मीडिया रिपोर्ट्स और पुलिस सूत्रों के अनुसार 58 से 60 आपत्तिजनक वीडियो मिले हैं। इन वीडियो में अशोक खरात अलग-अलग महिलाओं के साथ आपत्तिजनक स्थिति में दिखाई दे रहा है, जो उसकी नराधम वृत्ती का प्रत्यक्ष प्रमाण हैं। शुरुआत में केवल एक 5 मिनट का फुटेज वायरल हुआ था, लेकिन अब पेन ड्राइव में मौजूद अन्य वीडियो के भी लीक होने की चर्चाएं व्याप्त हैं। विशेष जांच दल (SIT) इस मामले की गहनता से जांच कर रहा है और अब तक उसके खिलाफ पांच गंभीर मामले दर्ज किए जा चुके हैं।
दूसरों का भविष्य बताने का दावा करने वाले इस पाखंडी ने कई महिलाओं का जीवन तहस-नहस कर दिया, किंतु अब कानून का फंदा कसने से उसका अपना भविष्य अंधकारमय हो गया है। पुलिस हिरासत की अवधि समाप्त होने के कारण उसे आज पुनः न्यायालय में पेश किया जाएगा, जहां अपराधों की गंभीरता को देखते हुए कस्टडी बढ़ने की प्रबल संभावना है। नाशिक पुलिस और SIT द्वारा की जा रही यह कार्रवाई समाज के उन चेहरों को बेनकाब कर रही है जो धर्म और पद की आड़ में घृणित अपराधों को अंजाम देते हैं।
