
अटरू (बारां)। जनप्रतिनिधियों और आमजन के बीच बढ़ती दूरियों को पाटते हुए अटरू विधानसभा क्षेत्र में आयोजित 'आपका विधायक आपके द्वार' जनसंवाद कार्यक्रम ने एक नई कार्यसंस्कृति की मिसाल पेश की है।
भीषण गर्मी के बावजूद विधायक राधेश्याम बैरवा ग्रामीण क्षेत्रों के गांव-गांव और घर-घर पहुंचकर सीधे संवाद कर रहे हैं। बिना किसी औपचारिक मंच या भाषणबाजी के विधायक सीधे चौपालों, चबूतरों और पेड़ों की छांव में ग्रामीणों के बीच बैठकर उनकी पीड़ा सुन रहे हैं, ताकि समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित हो सके।
जनसंवाद यात्रा की औपचारिक शुरुआत ग्राम जीरोद स्थित मंशापूर्ण हनुमानजी मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ हुई। इसके बाद विधायक बैरवा ने खुरी, छैलाबेल, अरडान, पीपलोद, मोतीपुरा, देंगनी, महेशपुरा और पतल्या समेत विभिन्न गांवों का दौरा किया, जहां ग्रामीणों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान उनके साथ किशनगंज विधायक डॉ. ललित मीणा, भाजपा जिला उपाध्यक्ष व मंडल प्रभारी मुकेश केरवालिया, अटरू मंडल अध्यक्ष पवन गंदोलिया, कवाई अध्यक्ष वीरेंद्र हाडा और भाजपा नेता प्रदीप मेरोठा भी उपस्थित रहे।
संवाद के दौरान ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभ से वंचित रहने, सफाई व्यवस्था, बंद पड़ी सामाजिक सुरक्षा पेंशन, पेयजल संकट, बदहाल सड़कों और विद्युत समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। विधायक बैरवा ने इन समस्याओं पर कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनहित से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी, साथ ही मौके पर ही फोन के माध्यम से अधिकारियों से चर्चा कर समस्याओं का समाधान करवाया।
विधायक राधेश्याम बैरवा ने कहा कि एक जनप्रतिनिधि का प्राथमिक दायित्व जनता के बीच जाकर उनकी समस्याओं को समझना है। उनका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विधानसभा का कोई भी गांव विकास से अछूता न रहे और सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि वे नशे से दूर रहकर शिक्षा, खेल और समाज सेवा की ओर अग्रसर हों, क्योंकि गांवों का वास्तविक विकास युवाओं की सकारात्मक भागीदारी से ही संभव है।
इस अवसर पर किशनगंज विधायक डॉ. ललित मीणा ने कहा कि यह जनसंवाद कार्यक्रम आमजन और जनप्रतिनिधियों के बीच सीधा सेतु बन रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार गांव, गरीब और किसान के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है और इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य प्रशासन को जवाबदेह बनाकर जनसमस्याओं का प्राथमिकता से समाधान करना है।
