
नारेडा रोड स्थित बरडिया बालाजी मंदिर क्षेत्र में 16 अप्रैल को हुई दर्दनाक ट्रैक्टर दुर्घटना में दो मासूम बच्चों की मौत के मामले ने अब गंभीर जनआक्रोश का रूप ले लिया है। मृतक बच्चों के परिजनों और क्षेत्रवासियों ने जिला कलेक्टर को सात सूत्रीय मांग पत्र सौंपते हुए प्रशासनिक लापरवाही को घटना का प्रमुख कारण बताया है।
ज्ञापन में स्पष्ट किया गया कि बरडिया क्षेत्र में जर्जर, गड्ढों से भरी और उबड़-खाबड़ सड़क तथा बरडिया खाळ पर सेफ्टी दीवार के अभाव ने इस हादसे को जन्म दिया। घटना के दिन बच्चों को लेकर जा रही मां का स्कूटी से संतुलन बिगड़ गया, जिससे वह गिर गई और दोनों मासूम गतिक व योगिका ट्रैक्टर की चपेट में आ गए। इस दर्दनाक दुर्घटना में दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि यदि सड़क सही होती और सुरक्षा दीवार बनी होती, तो यह हादसा टल सकता था। घटना के बाद से बच्चों के माता-पिता गहरे सदमे में हैं और मानो जिंदा लाश बनकर रह गए हैं।
घटना के अगले दिन 17 अप्रैल को आक्रोशित यादव समाज ने मंडोला मैन रोड पर धरना-प्रदर्शन कर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा था, जिसमें बरडिया रोड के निर्माण और खाळ पर सेफ्टी दीवार बनाने की प्रमुख मांग रखी गई थी। हालांकि, प्रशासन ने आनन-फानन में सड़क के गड्ढे भरकर औपचारिकता पूरी कर दी, लेकिन 13-14 दिन बीतने के बाद भी कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया, जिससे लोगों में असंतोष बढ़ता जा रहा है।
ज्ञापन में मांग की गई है कि बारां के अटरू रोड एनएच-90 से बरडिया बस्ती होते हुए एनएच-27 को जोड़ने वाली मुख्य सड़क का 60 फीट चौड़ाईकरण कर नई सड़क का तत्काल निर्माण कराया जाए और इसे मृतक बच्चों की स्मृति में 'गतिक-योगिता मार्ग' नाम दिया जाए। साथ ही बरडिया खाळ पर सुरक्षा दीवार का निर्माण किया जाए। ट्रैक्टर चालक के खिलाफ इरादतन हत्या और अवैध बजरी खनन की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर चालक और मालिक का लाइसेंस आजीवन निरस्त करने, ट्रैक्टर को सीज करने और उस पर बने 19 लंबित चालानों की पूर्ण वसूली की भी मांग की गई है।
इसके अतिरिक्त बरडिया क्षेत्र में अवैध खनन और बजरी ढुलाई करने वालों पर सख्त कार्रवाई, खानों से पत्थर लेकर निकलने वाले भारी वाहनों के लिए अलग मार्ग निर्धारित करने तथा वर्तमान मार्ग को पूर्णतः बंद करने की मांग भी उठाई गई है। जिला मुख्यालय पर मेडिकल कॉलेज की व्यवस्थाओं के त्वरित विस्तार और सर्वसुविधायुक्त चिकित्सा प्रबंध सुनिश्चित करने के साथ ही बरडिया क्षेत्र में बंद पड़ी रोड लाइटों को व्यवस्थित करने की भी मांग रखी गई है, क्योंकि रात के समय अंधेरा दुर्घटनाओं को बढ़ावा देता है।
परिजनों और क्षेत्रवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो मृतक परिवार, क्षेत्रवासी और समस्त यादव समाज बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। ज्ञापन सौंपने वालों में रविन्द्र गुणी, योगेश शर्मा, समाजसेवी रविंद्र सिंह हाडा, ललित यादव, रविंद्र सिंह यादव, बृजसुंदर यादव, मनोज कुमार, हेमंत यादव, सचिन यादव, मनीष यादव, कमल निर्मल सहित अन्य लोग शामिल रहे। यह मामला अब केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि क्षेत्रीय आधारभूत ढांचे और प्रशासनिक जवाबदेही पर बड़ा सवाल बनकर उभरा है।
